झारखंड : धनबाद में माइनॉरिटी स्कॉलरशिप स्कैम में हड़कंप…तत्कालीन अधिकारी दयानंद दुबे सहित 100 से अधिक पर एसीबी की एफआईआर की तैयारी, जानिए कैसे हुआ खुलासा?

There is a stir in Dhanbad over the minority scholarship scam... ACB is preparing to file an FIR against more than 100 people including the then officer Dayanand Dubey, know how it was revealed?

झारखंड के धनबाद जिले में हुए अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले में अब बड़ा एक्शन शुरू हो गया है। एसीबी (Anti-Corruption Bureau) ने इस मामले में तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी दयानंद दुबे सहित 100 से अधिक लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की है। सूत्रों के अनुसार, एसीबी धनबाद की टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट रांची मुख्यालय को भेज दी है, जिसमें करीब 10 करोड़ रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ है।

यह घोटाला वित्तीय वर्ष 2019-20 में हुआ था, जब 13,306 छात्रों के नाम फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति सूची में जोड़े गए थे। जांच में पाया गया कि इस पूरे फर्जीवाड़े में जिला कल्याण कार्यालय के कई अधिकारी-कर्मचारी और चतरा जिले के अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य शामिल थे। इन लोगों ने धनबाद के एजेंटों के साथ मिलकर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया।

एसीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि 62 स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षा कर्मी, और जिला कल्याण कार्यालय के पूर्व लिपिक बिनोद पासवान, कंप्यूटर ऑपरेटर अजय कुमार मंडल, स्टाफ निलोफर परवीन और तत्कालीन अधिकारी दयानंद दुबे के खातों में संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं। अब इन सभी पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

इस घोटाले की जांच की शुरुआत तत्कालीन डीसी उमाशंकर सिंह के आदेश पर हुई थी। एडीएम चंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी सामने आई, जिसके बाद एसीबी जांच की सिफारिश की गई। राज्य सरकार के आदेश पर पीई (Preliminary Enquiry) दर्ज कर एसीबी ने जांच शुरू की और दयानंद दुबे को निलंबित कर दिया गया था। फिलहाल वे देवघर में पदस्थ हैं।

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