झारखंड : 13 मार्च को स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट का साया, डायल 108 कर्मियों ने दी श्रम भवन घेराव की चेतावनी
Jharkhand: Health services in danger on March 13, Dial 108 workers warn of a Shram Bhavan siege

झारखंड में डायल 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारी अब आंदोलन की तैयारी में हैं। Jharkhand Ambulance Workers Protest के तहत कर्मचारियों ने 13 मार्च को रांची स्थित श्रम भवन का घेराव करने का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन भ्रष्टाचार, वेतन विसंगति और श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन के विरोध में किया जाएगा। आंदोलन का नेतृत्व झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ करेगा।
संघ का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रबंधन पर श्रम कानूनों के उल्लंघन का आरोप
संघ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने आरोप लगाया है कि एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही संस्था सम्मान फाउंडेशन श्रम कानूनों की लगातार अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि 30 जुलाई 2025 को कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच जो समझौता हुआ था, उसे अब तक लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
वेतन में देरी और कटौती का आरोप
Jharkhand Ambulance Workers Protest के पीछे कर्मचारियों की सबसे बड़ी शिकायत वेतन को लेकर है। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले साल फरवरी से वेतन भुगतान में लगातार देरी हो रही है। कई बार बिना स्पष्ट कारण के वेतन से पैसे भी काट लिए जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि वे दिन-रात लोगों की जान बचाने का काम करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
PF और ESI जमा नहीं करने का आरोप
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि फरवरी से अक्टूबर 2025 तक वेतन से पीएफ और ईएसआई की कोई कटौती नहीं की गई। वहीं नवंबर और दिसंबर में कटौती तो की गई, लेकिन वह राशि कर्मचारियों के खातों में जमा नहीं कराई गई।
Jharkhand Ambulance Workers Protest के तहत कर्मचारियों की मांग है कि बकाया वेतन का भुगतान जल्द किया जाए, पीएफ और ईएसआई की राशि खातों में जमा कराई जाए और श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।









