झारखंड : शब-ए-बारात को लेकर झारखंड पुलिस का अलर्ट, 8 बिंदुओं पर भेजी गयी गाईडलाइन, पढ़िये सभी जिलों को पुलिस कप्तानों को क्या कहा गया….

Jharkhand: Jharkhand Police issues alert regarding Shab-e-Barat, 8 point guidelines sent, read what was told to the police captains of all the districts...

शब-ए-बारात पर्व को लेकर झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी जिलों को अलर्ट जारी किया है। सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए निगरानी, सूचना संकलन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

रांची। शब-ए-बारात पर्व को लेकर झारखंड पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और पुलिस अधीक्षक (SP) को अलर्ट भेजा है। पत्र में साफ तौर से कहा गया है कि पर्व के दौरान राज्य की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता, निगरानी और मजबूत विधि-व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ये पत्र हाल में हुए हिंसक झड़प के मद्देनजर लिया गया है।

स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि इस वर्ष 2 फरवरी को शब-ए-बारात मनाए जाने की संभावना है। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय द्वारा रात्रि के समय कब्रिस्तानों में अपने पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़ी जाती है, अगरबत्ती और दीप जलाए जाते हैं तथा मजारों और मस्जिदों में इबादत की जाती है।

कई स्थानों पर मस्जिदों के आसपास और रास्तों में आतिशबाजी की भी परंपरा है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग देर रात तक एकत्रित रहते हैं।

स्पेशल ब्रांच ने आशंका जताई है कि कब्रिस्तानों की ओर जाने वाले रास्तों, मस्जिदों के आसपास और आतिशबाजी के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा व्यवधान उत्पन्न किया जा सकता है। इसी को देखते हुए सभी जिलों को पहले से सतर्क रहने और हर स्तर पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

आठ अहम बिंदुओं पर दी गयी गाईडलाइन
स्पेशल ब्रांच ने जिलों को आठ प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जानकारी जुटाने को कहा है। इसमें कब्रिस्तानों और मस्जिदों का पूरा विवरण शामिल है, जहां फातिहा, इबादत और आतिशबाजी होती है तथा वहां संभावित भीड़ का आकलन किया जाए। इसके साथ ही सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील और विवादित स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त प्रशासनिक सतर्कता रखने का निर्देश दिया गया है।

पत्र में कहा गया है कि पर्व के दौरान संभावित विधि-व्यवस्था संबंधी समस्याएं और उनके रोकथाम के उपाय, वर्ष 2021 से 2025 के बीच शब-ए-बारात के दौरान हुई घटनाओं का संक्षिप्त विवरण, तथा ऐसे असामाजिक तत्वों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो पूर्व में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में शामिल रहे हों।

सोशल मीडिया पर भी खास नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक पेज या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पहचान करने को कहा गया है, जो किसी धर्म, संप्रदाय या जाति की भावनाओं को आहत करने वाली या नफरत फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करते हैं। ऐसे ग्रुप्स के एडमिन का नाम और मोबाइल नंबर भी संकलित करने का निर्देश है।

सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर विशेष जोर
स्पेशल ब्रांच ने यह भी निर्देश दिया है कि शब-ए-बारात के अवसर पर शांति समिति की बैठक समय से आयोजित की जाए। साथ ही ऐसे शांतिप्रिय और प्रभावशाली गणमान्य व्यक्तियों की सूची तैयार की जाए, जो आपात स्थिति में प्रशासन का सहयोग कर सकें।

उनके संपर्क नंबर भी पुलिस के पास उपलब्ध रहने चाहिए।इसके अतिरिक्त, आतिशबाजी के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्निशमन और चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया है। आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने और पर्व के दौरान शराब की दुकानों को बंद रखने पर भी विचार करने को कहा गया है।

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