रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा भले ही मुसीबतों से घिरी हो, लेकिन लोकसभा चुनाव में वो दमखम दिखाने को तैयार है। पार्टी ने सिर्फ झारखंड ही नहीं, लोकसभा चुनाव को बिहार, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल और असम में चुनावी ताल ठोंकी है। पार्टी ने लोकसभा चुनाव की रणनीति तैयार कर ली है। JMM की कार्यसमिति बैठक में गुरुवार को ना तो शिबू सोरेन मौजूद थे और ना ही हेमंत सोरेन। चंपई सोरेन की अध्यक्षता में हुई बैठक में चुनाव की रणनीति की जानकारी सदस्यों को दी गयी।

यही नहीं झामुमो ने अपनी लड़ाई को गांव-गांव तक ले जाने की रणनीति तैयार की है। बैठक में तय किया गया है। झामुमो गठबंधन सरकार के कार्यों को निचले स्तर तक ले जाकर प्रसारित किया जाये। चंपई सोरेन ने कहा कि कार्यकर्ता लोगों के घरों तक पहुंचे और उन्हें बताए कि हेमंत सोरेन जब-जब आप लोगों के लिए काम किया, यूनिवर्सल पेंशन जरूरतमंदों को दिया। राज्यकर्मियों को ओल्ड पेंशन स्कीम से जोड़ा, अबुआ आवास देने लगे, वंचित समुदाय के युवाओं को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने की व्यवस्था की, तो उन्हें साजिश कर के भाजपा और केंद्र की सरकार ने झूठे मामले में फंसा दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ पार्टी की ओर से शुरू की गयी न्याय मार्च और उपवास कार्यक्रम को जारी रखने का निर्देश दिया। चंपाई सोरेन ने कहा कि हमारे नेता हेमंत सोरेन को ईडी केंद्र के इशारे पर परेशान कर रही है। उन्हें प्रताड़ित कर रही है। बैठक में उन्होंने सभी से कहा कि पार्टी की ओर से आंदोलन का जो स्वरूप तय किया गया है, उसे राज्य से पंचायत तक जारी रखा जाएगा। ताकि चुनाव के पूर्व झामुमों की पहुंच सभी लोगों तक हो सके।

हर खबर आप तक सबसे सच्ची और सबसे पक्की पहुंचे। ब्रेकिंग खबरें, फिर चाहे वो राजनीति...