झारखण्ड : मंत्री चमरा लिंडा ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा बैठक की,पदाधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग (अल्पसंख्यक कल्याण छोड़कर) के मंत्री चमरा लिण्डा ने आज मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की। यह बैठक उनके कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें स्वरोजगार और आवासीय विद्यालयों के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना को और सशक्त बनाने के निर्देश

बैठक में सभी जिलों में मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके तहत प्राप्त आवेदनों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने विगत वर्षों में वितरित स्वरोजगार ऋण की सराहना की और चालू वित्तीय वर्ष में भी योजना की गति बढ़ाने पर बल दिया।

लाभुकों की सफलता से दूसरों को प्रेरित करने की अपील

मंत्री ने योजना से लाभान्वित लोगों की सफलता की कहानियों को सामने लाने और जरूरतमंदों को प्रेरित करने की बात कही। इसके साथ ही, लाभुकों से जुड़ी आर्थिक और सामाजिक स्थिति का आकलन कर योजना के प्रभाव का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया।

ऋण वितरण में सुधार और नई नीतियों पर जोर

समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि वाहन ऋण योजना के तहत गैर-व्यावसायिक बड़े वाहन लिए जा रहे हैं। इसे रोकने और केवल व्यावसायिक उपयोग के लिए उपयुक्त वाहन उपलब्ध कराने के लिए संशोधन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, सभी जिला कल्याण पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर ऋण वितरण और वसूली की प्रगति रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम: नए एकलव्य विद्यालय

बैठक में 44 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का संचालन शीघ्र प्रारंभ करने और सभी आवासीय विद्यालयों को CBSE से मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ हि एकलव्य,आश्रम,अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा पिछड़ी जाति आवासीय विद्यालय की समीक्षा की गई और जरूरी निर्देश दिए गए।

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