झारखंड :जानिये कौन है प्रो. सरोज शर्मा, जिन्हें दी गयी है रांची विश्वविद्यालय के कुलपति की जिम्मेदारी, क्या इस नियुक्ति से बदलेगी यूनिवर्सिटी की व्यवस्था..
Jharkhand: Find out who Prof. Saroj Sharma is—the individual entrusted with the responsibility of Vice-Chancellor at Ranchi University. Will this appointment bring about a change in the university's administration?

रांची विश्वविद्यालय को नया नियमित कुलपति मिल गया है। शिक्षा जगत की अनुभवी हस्ती प्रो. सरोज शर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके पास तीन दशकों से अधिक का अनुभव है और वे कई राष्ट्रीय संस्थानों में अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं।
________________________________________
रांची। रांची यूनिवर्सिटी में लंबे समय से खाली पड़े कुलपति पद पर आखिरकार नियुक्ति हो गई है। अब इस अहम जिम्मेदारी को संभालेंगी प्रो. सरोज शर्मा, जो शिक्षा और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में अपने व्यापक अनुभव के लिए जानी जाती हैं। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय में ठप पड़े कई कार्यों के पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।
कौन हैं प्रो. सरोज शर्मा?
प्रो. सरोज शर्मा शिक्षा जगत की एक प्रतिष्ठित और अनुभवी हस्ती हैं। उनके पास लगभग तीन दशकों से अधिक का शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव है। वे National Institute of Open Schooling (NIOS) की चेयरपर्सन के रूप में दिसंबर 2020 से अक्टूबर 2024 तक अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने ओपन स्कूलिंग सिस्टम को मजबूत करने और शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी शैक्षणिक योग्यता भी बेहद प्रभावशाली है। उन्होंने एमएससी (बॉटनी), एमए (समाजशास्त्र), एमएड (M.Ed), एमबीए (MBA), एम.फिल (M.Phil) और पीएचडी जैसी कई उच्च डिग्रियां हासिल की हैं। शिक्षक शिक्षा, नीति निर्माण और गुणवत्ता आश्वासन जैसे क्षेत्रों में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है। वे पहले Indian Institute of Teacher Education (IITE), अहमदाबाद की कुलपति भी रह चुकी हैं। वर्तमान में वे दिल्ली के गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (GGSIPU) के यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ एजुकेशन में डीन के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा, वे अहमदाबाद स्थित भारतीय शिक्षक शिक्षा संस्थान (IITE) की कुलपति भी रह चुकी हैं।
शिक्षा जगत की मजबूत पहचान
प्रो. सरोज शर्मा का नाम शिक्षा क्षेत्र में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वे पिछले तीन दशकों से अधिक समय से शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। उनकी पहचान एक कुशल शिक्षाविद, नीति विशेषज्ञ और प्रशासक के रूप में रही है। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और नई नीतियों के क्रियान्वयन में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रमुख पदों पर रह चुकी हैं
प्रो. शर्मा ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च पदों पर कार्य किया है। वे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) की चेयरपर्सन रह चुकी हैं, जहां उन्होंने दिसंबर 2020 से अक्टूबर 2024 तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने ओपन एजुकेशन सिस्टम को सुदृढ़ करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के लिए कई पहल कीं।
शैक्षणिक योग्यता भी शानदार
प्रो. सरोज शर्मा की शैक्षणिक योग्यता भी काफी प्रभावशाली है। उन्होंने एमएससी (बॉटनी) और एमए (समाजशास्त्र) के साथ-साथ एमएड, एमबीए, एम.फिल और पीएचडी जैसी उच्च डिग्रियां हासिल की हैं। शिक्षक शिक्षा, नीति निर्माण और गुणवत्ता आश्वासन के क्षेत्र में उनकी विशेष पकड़ है।
क्यों अहम है उनकी नियुक्ति?
रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से नियमित कुलपति नहीं होने के कारण कई शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। परीक्षा सत्र में देरी, डिग्री वितरण में समस्या और नामांकन प्रक्रिया में बाधाएं जैसी कई चुनौतियां सामने थीं। ऐसे में प्रो. शर्मा की नियुक्ति को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।









