झारखंड- दो से ज्यादा बच्चे हुए तो नहीं लड़ पायेंगे चुनाव, चुनाव आयोग के सख्त निर्देश, नामांकन के समय देना पड़ेगा शपथ पत्र, निर्वाचन आयोग बताया…
Jharkhand: If you have more than two children, you will not be able to contest elections. The Election Commission has issued strict instructions. An affidavit will have to be given at the time of nomination.

Jharkhand Municipal Election : झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी हो गयी है। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनाव संचालन को लेकर निर्देश भी जारी कर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ सकेंगे और नामांकन के समय शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा।
जानकारी के मुताबिक फरवरी में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए आयोग ने कमर कस लिया है। नगर निकाय चुनाव में वही उम्मीदवार हिस्सा ले सकेंगे, जिनके दो या उससे कम बच्चे हैं। दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माने जाएंगे। इस नियम को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि इस संबंध में नगर विकास विभाग द्वारा पूर्व में जारी पत्र को आधार बनाकर आयोग ने सभी जिलों को कड़ाई से नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करते समय एक शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा, जिसमें यह स्पष्ट करना होगा कि निर्धारित कट-ऑफ तिथि तक उनके दो ही बच्चे हैं। यदि जांच में शपथ पत्र गलत पाया जाता है, तो संबंधित प्रत्याशी की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
वहीं चुनाव आयोग के सचिव ने यह भी जानकारी दी कि नगर निकाय चुनाव को लेकर वार्डों में आरक्षण की प्रक्रिया सभी जिलों में पूरी कर ली गई है। इस संबंध में आयोग को जिलों से लगातार रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए जल्द ही सभी जिलों के उपायुक्त (डीसी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जाएगी, जिसमें कानून-व्यवस्था, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और अन्य आवश्यक तैयारियों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली जाएगी।
इस बीच वार्ड आरक्षण को लेकर आ रही शिकायतों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक और महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने कहा है कि यदि किसी प्रत्याशी का वार्ड आरक्षण के कारण बदल जाता है और वह अपने मूल वार्ड से चुनाव नहीं लड़ पा रहा है, तो घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत क्षेत्र का कोई भी मतदाता उस निकाय के किसी भी अन्य वार्ड से चुनाव लड़ सकता है, बशर्ते वह उस वार्ड में लागू आरक्षण नियमों का पालन करता हो।
राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि महापौर, नगर परिषद अध्यक्ष और वार्ड सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ने वाले सभी अभ्यर्थियों की योग्यता से जुड़े दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। इसके अनुसार प्रत्याशी का संबंधित नगर निकाय का मतदाता होना अनिवार्य है। हालांकि, मतदाता सूची में शामिल व्यक्ति उसी निकाय के किसी भी वार्ड से चुनाव लड़ सकता है, लेकिन उसे आरक्षण से जुड़े सभी नियमों का पालन करना होगा।



















