झारखंड: “कोई इतना कैसे गिर सकता है” मासूम अंश-अंशिका की किडनैपिंग से बहुत परेशान से मुख्यमंत्री, बोले, हम जांच यही नहीं छोड़ने वाले… दे दी ये बड़ी चेतावनी..
Jharkhand: "How can someone stoop so low?" The Chief Minister, deeply troubled by the kidnapping of innocent Ansh and Anshika, said, "We are not going to stop the investigation here..." He gave this big warning.

रांची। झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए भाई-बहन अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी के बाद न सिर्फ उनके परिजनों, बल्कि पूरे राज्य ने राहत की सांस ली है। यह मामला बेहद संवेदनशील था और शुरुआत से ही सरकार और पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल रहा। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस प्रशासन की पीठ थपथपाई और साथ ही यह स्पष्ट किया कि इस मामले की जांच अभी यहीं समाप्त नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम जिंदगियां आजाद हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति इतना कैसे गिर सकता है कि मासूम बच्चों को निशाना बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उनके लिए बीते कुछ दिन बेहद परेशान करने वाले रहे, क्योंकि शुरुआती दौर में जांच को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी। लेकिन जिस तरह से रांची पुलिस ने दूसरे राज्य में हुई इसी तरह की घटनाओं से तार जोड़ते हुए अपराधियों तक पहुंच बनाई और बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया, वह प्रशंसनीय है।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार इस जांच अभियान को यहीं नहीं छोड़ेगी। राज्य के भीतर और राज्य से बाहर घटित ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल की जाएगी और संगठित अपराधी गिरोह की कमर तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रांची पुलिस और झारखंड पुलिस की पूरी टीम को तत्परता और कार्यकुशलता के लिए बधाई दी, साथ ही अंश और अंशिका के परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
गौरतलब है कि अंश और अंशिका 2 जनवरी को रांची के धुर्वा इलाके से अचानक लापता हो गए थे। बच्चों के गायब होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था और परिजनों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया और जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ाया गया।
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर रामगढ़ जिले के चितरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अहमदनगर (पहाड़ी) इलाके में छापेमारी की गई। यहां से दोनों बच्चों को सकुशल बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से एक दंपति को गिरफ्तार किया है, जो बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दंपति कुख्यात बच्चा चोरी करने वाले “बुलगुलिया गिरोह” से जुड़ा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बच्चों को बिहार ले जाकर बेचने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की सक्रियता और बढ़ते दबाव के चलते वे रामगढ़ में ही छिप गए थे। बच्चों को सुरक्षित रांची लाया गया, जहां उनका परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा था। बच्चों के मिलते ही परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
अपहरण कर्ताओं के चंगुल से आजाद हुईं दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन काफी परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी लेकिन फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़ रांची पुलिस ने… pic.twitter.com/xHAsDmzijB
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) January 14, 2026
इस पूरे मामले में पुलिस की SIT की कड़ी मेहनत के साथ-साथ सूचना तंत्र की भी अहम भूमिका रही। बताया जा रहा है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से मिली एक महत्वपूर्ण सूचना जांच के लिए निर्णायक साबित हुई, जिसके आधार पर पुलिस सही ठिकाने तक पहुंच पाई।
यह मामला एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। साथ ही यह भी उजागर करता है कि अपहरण और मानव तस्करी से जुड़े गिरोह कितने संगठित और सक्रिय हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा इस पूरे मामले को लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर और विस्तृत जानकारी साझा करेंगी।


















