झारखंड-भीषण सड़क हादसा: 10 लोगों की मौत, 5 ने घटनास्थल पर, 5 ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, सगाई में जा रही बस भीषण सड़क हादसे का शिकार

Jharkhand: Horrific road accident: 10 people died, 5 on the spot, 5 died during treatment; bus going to an engagement party met with a horrific road accident.

Jharkhand News : भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गयी है। घटना लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र स्थित ओरसा घाटी की है। रविवार को हुए हादसे में पहले 5 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन अब मृतकों की संख्या दुर्घटना में 10 हो गय है। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी थे, जो एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने झारखंड जा रहे थे। हादसे के पीछे ब्रेक फेल और सड़क की तकनीकी खामी के साथ ओवरलोडिंग को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।

 

पुलिस के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि पांच अन्य घायलों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में चार महिलाएं और छह पुरुष शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार लगभग 40 गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए रांची और अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है, जबकि 35 से अधिक घायलों का इलाज महुआडांड़ के अस्पताल में किया जा रहा है।

 

दुर्घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त बस एक रिजर्व बस थी, जिसमें सवार सभी यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी थे। ये सभी लोग बलरामपुर से महुआडांड़ के लोध गांव में आयोजित एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे।

 

जैसे ही बस ओरसा घाटी के खतरनाक ढलान पर पहुंची, अचानक ब्रेक फेल हो गया और बस अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।पुलिस और प्रशासन ने सभी मृतकों की पहचान कर ली है। मृतकों में सीतापति देवी, प्रेमा देवी, सोनामती देवी, रेशन्ति चेरवा, सुखना भुइयां, विजय नगेसिया, लीलावती सोनवानी, रमेश मनिका, फगुआ राम और परशुराम सोनवानी शामिल हैं। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है।

 

घटना की सूचना मिलने पर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कई जनप्रतिनिधि भी महुआडांड़ पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।इस हादसे के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी खामियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरपंच संघ के अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने आरोप लगाया कि जिस सड़क पर यह दुर्घटना हुई, उसके निर्माण में भारी तकनीकी फॉल्ट है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क का ढलान किसी भी स्थिति में 15 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए, जबकि ओरसा घाटी में यह ढलान लगभग 30 डिग्री तक है। इसी अत्यधिक ढलान के कारण बस का ब्रेक फेल हुआ और इतना बड़ा हादसा हुआ।

 

ओवरलोडिंग को भी हादसे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बस की बैठने की क्षमता करीब 45 लोगों की थी, लेकिन उसमें 90 से अधिक लोग सवार थे। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैवाहिक समारोहों के दौरान अक्सर क्षमता से अधिक लोग एक ही वाहन में सफर करते हैं।

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