झारखंड हाईकोर्ट : झारखंड: नियुक्त शिक्षकों को हटाने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई, नोटिस जारी कर कोर्ट ने मांगा जवाब

Jharkhand High Court: Jharkhand: Hearing in the High Court on the matter of removal of appointed teachers, the court issued a notice and sought a reply

झारखंड: नियुक्त शिक्षकों को हटाने के मामले में हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ये पूरा मामला दुमका जिले के हाईस्कूलों में शारीरिक शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षकों को हटाने से जुड़ा है। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस मामले में अन्ना मेरी सोरेन समेत अन्य ने अदालत में याचिका दायर की है।

 

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दुमका जिले के हाईस्कूलों में शारीरिक शिक्षक पद पर नियुक्त शिक्षकों को हटाने के मामले मंु सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थी और प्रतिवादी का पक्ष सुनने के बाद मामले में यूजीसी को प्रतिवादी बनाते हुए शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।

 

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हाईकोर्ट ने ने पूछा कि भारत में कितने प्रकार की स्ट्रीम में पढ़ाई होती है और तीन साल का बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) किस स्ट्रीम में आता है। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस डिग्री को यूजीसी से मान्यता प्राप्त है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई अब छह सप्ताह बाद होगी।

 

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प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने अदालत को बताया कि प्रार्थी ने तीन साल का बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन कोर्स पूरा किया है और बीपीएड की डिग्री भी हासिल की है। यह डिग्री साइंस स्ट्रीम में आती है। उन्होंने तर्क दिया कि शिक्षक पद पर नियुक्ति के 11 माह बाद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को अनुशंसा वापस लेने का अधिकार नहीं है।

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