झारखंड- डीसी के नाम पर ठगी: WhatsApp कॉल पर डीसी के नाम से मांगे जा रहे हैं पैसे, +84 946654020 नंबर से आये कॉल, तो रहिये बचके

Jharkhand - Fraud in the name of the Deputy Commissioner: Money is being demanded via WhatsApp calls in the name of the Deputy Commissioner; be wary of calls from the number +84 946654020.

धनबाद। झारखंड में साइबर ठगों का दुस्साहस कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। अब शातिर ठग डीसी को ही निशाना बनाने लगे हैं। झारखंड में साइबर ठगों ने धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया।



ठग ने अधिकारियों और आम लोगों से पैसे मांगने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और डीसी ने सतर्क रहने की अपील की।

जानकारी के अनुसार, साइबर ठग ने डीसी आदित्य रंजन की प्रोफाइल फोटो और नाम का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया। यह अकाउंट विदेशी नंबर +84 946654020 से संचालित किया जा रहा था।

ठग ने सबसे पहले डीसी के अधीन कार्यरत प्रशासनिक अधिकारियों को संदेश भेजकर पैसों की मांग करने की कोशिश की। संदेशों में ठग ने खुद को डीसी बताते हुए अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया, ताकि वे बिना किसी संदेह के पैसे भेज दें।

अधिकारियों के बाद ठग ने आम नागरिकों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया। डीसी बनकर उसने लोगों को संदेश भेजे और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए उनसे आर्थिक मदद या भुगतान की मांग की। कुछ मामलों में ठग द्वारा लालच भरे लिंक भेजे जाने की भी सूचना सामने आई है, जिससे लोगों का बैंक डाटा या निजी जानकारी चोरी की जा सकती थी।

प्रशासन के संज्ञान में आया, इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट और संबंधित नंबर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल को भी अलर्ट कर दिया गया है ताकि इस अकाउंट के स्रोत और संचालन करने वाले व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए धनबाद के डीसी आदित्य रंजन ने आम जनता और प्रशासनिक अधिकारियों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके नाम से यदि किसी भी अनधिकृत नंबर से कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया के माध्यम से पैसों की मांग की जाती है, तो लोग तुरंत सावधान हो जाएं। डीसी ने कहा कि ऐसे किसी भी संदिग्ध मैसेज या लिंक को न तो खोलें और न ही उस पर प्रतिक्रिया दें।

उन्होंने यह भी सलाह दी कि ऐसे नंबरों को तुरंत ब्लॉक करें और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाना या साइबर क्राइम सेल को भी इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला साइबर ठगी के नए और खतरनाक तरीके को दर्शाता है, जिसमें ठग बड़े अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करते हैं।

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