झारखंड: घूसखोर थाना प्रभारी की मुश्किलें बढ़ी, कोर्ट ने जमानत देने से किया इंकार, 30000 रुपये रिश्वत लेते किया गया था गिरफ्तार

Jharkhand: Trouble mounts for bribe-taking police station in-charge, court denies bail; arrested for accepting bribe of Rs 30,000

घूस लेते गिरफ्तार हुए थाना प्रभारी की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। गुमला जिले के चैनपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी शैलेश कुमार की जमानत खारिज हो गयी है। शैलेश कुमार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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Jharkhand Police News : थाना प्रभारी शैलेश कुमार को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। एंटी करप्शन ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) की विशेष अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना प्रभारी को घूस लेते गिरफ्तार किया गया था। 30 हजार रिश्वत लेते थाना प्रभारी को गिरफ्तार किया गया था।

जानकारी के अनुसार, शैलेश कुमार ने 27 जनवरी को अदालत में जमानत याचिका दाखिल करते हुए रिहाई की गुहार लगाई थी। हालांकि, मामले की गंभीरता और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को देखते हुए अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया। पूरा प्रकरण 21 जनवरी 2026 को सामने आया था, जब एसीबी की टीम ने शैलेश कुमार को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

उल्लेखनीय है कि आरोपी ने चैनपुर थाना का पदभार संभालने के महज चार दिन बाद ही इस कार्रवाई का सामना किया। इतनी कम अवधि में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तारी ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।प्राथमिक जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जयपाल नायक ने एसीबी से संपर्क कर थाना प्रभारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।

शिकायत में कहा गया कि थाना प्रभारी निजी आवास निर्माण से संबंधित कार्य के लिए ईंट पकाने की अनुमति देने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहे थे।एसीबी ने शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि के संकेत मिलने पर एजेंसी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की रणनीति तैयार की।

तय योजना के तहत जाल बिछाया गया और आरोपी को कथित रिश्वत राशि लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधि सम्मत कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी ने अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों में रिश्वत की मांग और लेन-देन से जुड़े पहलुओं का उल्लेख किया।

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