झारखंड-घूसखोर थाना प्रभारी गिरफ्तार: 20000 रुपये लेते थाना प्रभारी रंगे हाथों पकड़ाये, ज्वाइनिंग के दूसरे दिन ही करने लगे घूसखोरी, जानिये क्यों ले रहे थे पैसे
Jharkhand - Corrupt police station in-charge arrested: The station in-charge was caught red-handed accepting a bribe of Rs. 20,000; he started taking bribes on his second day of joining. Find out why he was taking the money.

Jharkhand Breaking News : थाना प्रभारी को घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। एसीबी की टीम ने 20 हजार रुपये लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है।
पूरा मामला गुमला जिले के चैनपुर थाना का है, जहां थाना प्रभारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची ने ईंट भट्ठा संचालन के एवज में ग्रामीण से रिश्वत मांगने वाले थाना प्रभारी को घूस लेते धर दबोचा है।
झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) रांची ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गुमला जिले के चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई बुधवार को की गई, जब थानेदार एक ग्रामीण से 20 हजार रुपये रिश्वत ले रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
बताया जा रहा है कि चैनपुर थानेदार शैलेश कुमार पर आरोप था कि वह ईंट भट्ठा संचालित करने के एवज में ग्रामीण से 20 से 30 हजार रुपये की मांग कर रहा था। इस संबंध में 20 जनवरी को एसीबी थाना रांची में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एसीबी ने जाल बिछाकर आरोपी थानेदार को गिरफ्तार किया।
शिकायतकर्ता गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेंदोरा गांव निवासी जयपाल नायक हैं। उन्होंने एसीबी को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि वे अपनी निजी जमीन पर घर निर्माण के लिए ईंट बनाना चाहते थे। इसी उद्देश्य से वे अपने गांव में ईंट निर्माण का कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहे थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, किसी माध्यम से इसकी जानकारी चैनपुर थाना प्रभारी शैलेश कुमार को मिल गई। इसके बाद थानेदार स्वयं बेंदोरा गांव पहुंचे और जयपाल नायक से मुलाकात की। बातचीत के दौरान थानेदार ने कहा कि ईंट निर्माण करने के लिए “खर्चा-पानी” देना पड़ेगा और इसके लिए उन्हें थाने आकर मुलाकात करनी होगी।
जब जयपाल नायक थाने पहुंचे तो थानेदार ने उनसे साफ तौर पर कहा कि ईंट निर्माण शुरू करने से पहले 20 से 30 हजार रुपये देने होंगे। थानेदार ने यह भी धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो उन्हें झूठे मामले में फंसा कर जेल भेज दिया जाएगा। इस धमकी से डरकर जयपाल नायक ने रिश्वत देने के बजाय पूरे मामले की शिकायत एसीबी से करने का फैसला किया।
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच में यह पुष्टि हो गई कि थानेदार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है। इसके बाद एसीबी रांची थाने में विधिवत प्राथमिकी दर्ज कराई गई और 21 जनवरी को योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई।
जैसे ही थानेदार ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद आरोपी थानेदार को एसीबी कार्यालय लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।









