रांची। झारखंड के चीफ इंजीनियर रहे रास बिहारी सिंह के खिलाफ जांच के आदेश दे दिये गय् हैं। PWD के के इंजीनियर इन चीफ रहे रास बिहारी के पास आय से 199 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली थी। ACB ने इस मामले में कार्रवाई के लिए राज्य सरकार से NOC मांगा था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरंने ने अब इस मामले में कार्रवाई के लिए स्वीकृति दे दी है। इस NOC के बाद अब चीफ इंजीनियर के खिलाफ प्रारंभिक जांच दर्ज होगी।

सरकार ने जांच के लिए दिये निर्देश में कहा है …
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रास बिहारी सिंह, तदेन प्रभारी अभियंता प्रमुख, पथ निर्माण विभाग, झारखण्ड, राँची सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध प्राप्त परिवाद के आलोक में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज आई.आर. सं०-06/17 के सत्यापनकर्ता द्वारा आरोपी के विरुद्ध आय की तुलना में व्यय 199 प्रतिशत अधिक पाये जाने के आलोक में पी.ई. दर्ज करने के बिन्दु पर मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (निगरानी), झारखण्ड राँची को अनापत्ति संसूचित करने के प्रस्ताव पर अनुमोदन दिया।

अब मंत्रिमंडल सचिवालय और निगरानी विभाग से एसीबी को पीई दर्ज करने के लिए आदेश भेजा जायेगा। जिसके बाद अब प्रमुख अभियंता के खिलाफ जांच शुरू होगी। इंजीनियर इन चीफ को जनवरी 2020 में सस्पेंड किया गया था। रास बिहारी सिंह के खिलाफ पद पर रहते हुए बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। उन्होंने कुछ ऐसी कंपनियों को फायदा पहुंचाया, जिससे प्रदेश के राजस्व को तो करोड़ों का नुकसान हुआ, लेकिन उससे अपनी दौलत खूब बढ़ायी। पीडबल्यूडी और ग्रामीण विकास विभाग के अनुसूचित दर पर जो काम कराये गये थे, उसमें जांच के दौरान ये पाया गया कि पीडब्ल्यूडी ने समान काम के लिए का भी ज्यादा रकम पेमेंट किये। इसके प्रमुख अभियंता पर एक फर्जी कंपनी को 51.62 करोड़ रूपये के टेंडर के लिए भी जिम्मेदार बताया गया था।

ऐसे और भी कई शिकायत मिली थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने प्रमुख अभियंता के खिलाफ एसीबी को जांच का आदेश दियिया था। आमसूचना रिपोर्ट में रास बिहारी सिंहं के पास आय से 199 प्रतिशत की अधिक संपत्ति मिली, अब इस अकूत संपत्ति के मामले में उनके खिलाफ पीई दर्ज होगी।

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