झारखंड: हेमंत सरकार के एक साल पर भाजपा जारी करेगी आरोप पत्र, सात सदस्यीय कमेटी का किया गठन,
Jharkhand: BJP to issue chargesheet on Hemant government's first year, seven-member committee formed

रांची। जहां झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण होने पर उपलब्धियों का जश्न मना रही है, वहीं विपक्ष भाजपा सरकार की कार्यशैली और वादाखिलाफी पर आरोप पत्र जारी करने की तैयारी में है। भाजपा ने इसके लिए 7 सदस्यीय समिति का गठन किया है।
दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली हेमंत सरकार पार्ट-2 ने अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूरे कर लिए हैं। सरकार जहां इस अवसर को उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं के जरिए जनता से संवाद स्थापित करने के रूप में मना रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस जश्न को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
भाजपा ने सरकार के खिलाफ आरोप पत्र (Charge Sheet) जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके माध्यम से पार्टी हेमंत सरकार की कथित “नाकामियों, वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार” को जनता के सामने रखने की तैयारी में है। इसके लिए भाजपा ने एक 7 सदस्यीय आरोप पत्र समिति का गठन किया है।
आरोप पत्र समिति में शामिल होंगे ये सदस्य
आरोप पत्र समिति में पार्टी के मुख्य सचेतक विधायक नवीन जायसवाल के अलावे , प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व सांसद एवं प्रवक्ता गीता कोड़ा तथा अंत्योदय के संपादक रविनाथ किशोर शामिल हैं।
भाजपा का आरोप — जनता त्रस्त, सरकार जश्न में मस्त
समिति की घोषणा करते हुए प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने कहा कि हेमंत सरकार के एक साल पूरे होना “उत्सव का नहीं, आत्ममंथन का विषय है।” उन्होंने आरोप लगाया: “जनता हेमंत सरकार की वादाखिलाफी, भ्रष्टाचार, गिरती कानून व्यवस्था और प्रशासनिक अव्यवस्था से परेशान है। राज्य में रोजगार, सुरक्षा और विकास की हालत बदतर है। भाजपा आरोप पत्र के माध्यम से इन सभी मुद्दों को सामने लाएगी।”भाजपा का कहना है कि एक वर्ष में राज्य में निवेश नहीं बढ़ा, बेरोजगारी कम नहीं हुई और महिलाओं व आदिवासियों से जुड़े अपराधों में वृद्धि हुई है।
इधर सरकार का दावा — उपलब्धियों से भरा एक वर्ष
भाजपा के आरोपों के समानांतर, राज्य सरकार अपनी उपलब्धियों की सूची लेकर जनता के सामने आ रही है। सरकार युवाओं, किसानों, महिलाओं और आदिवासी समुदाय के लिए लागू योजनाओं को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज़ होने वाला है, और यह आरोप पत्र उसी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।








