झारखंड : विधानसभा अध्यक्ष की ‘लाल आंखें’: क्या मंत्रियों के पास नहीं हैं जवाब? अफसरों की सुस्ती पर गिरी गाज!”
Jharkhand: Assembly Speaker's 'red eyes': Don't the ministers have answers? Officers' lethargy comes under fire!

रांची में चल रही झारखंड विधानसभा कार्यवाही के दौरान बुधवार को एक अहम मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। कई विधायकों ने आरोप लगाया कि अलग-अलग विभागों की ओर से विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब समय पर नहीं भेजे जा रहे हैं। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र नाथ महतो ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही करार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि विभाग समय पर जवाब नहीं भेजेंगे तो इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित होगी और विधायकों को अपने सवालों का उचित जवाब नहीं मिल पाएगा।
विधायकों ने उठाया जवाब में देरी का मुद्दा
सदन की शुरुआत होते ही कई विधायकों ने इस समस्या को उठाया। विधायक प्रदीप यादव समेत अन्य सदस्यों ने कहा कि कई बार उनके द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाते। इससे चर्चा बाधित होती है और कई महत्वपूर्ण विषयों पर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाती। विधायकों का कहना था कि जब सवाल पूछे जाते हैं, तब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होती है कि तय समय के भीतर जवाब तैयार कर विधानसभा सचिवालय को भेजें। लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं हो रहा है।
अध्यक्ष ने जताई नाराजगी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष डॉ. रवीन्द्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड विधानसभा कार्यवाही के दौरान सवालों के जवाब समय पर मिलना बेहद जरूरी है। इससे जनहित के मुद्दों पर सही ढंग से चर्चा हो पाती है। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार ऐसी शिकायतें आना चिंता की बात है।
संसदीय कार्य मंत्री को दिए निर्देश
अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर को निर्देश दिया कि सभी विभागों को स्पष्ट आदेश दिए जाएं कि वे सवालों के जवाब समय पर विधानसभा सचिवालय को भेजें। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी, ताकि भविष्य में झारखंड विधानसभा कार्यवाही बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चल सके।









