क्या देश में लगने वाला है लॉकडाउन? PM मोदी की हाई-लेवल मीटिंग में खुला बड़ा राज, अफवाहों पर सख्त चेतावनी
ढाई घंटे चली अहम बैठक में PM ने दिए सख्त निर्देश, वैश्विक तनाव के बीच राज्यों को किया अलर्ट

देशभर में अचानक लॉकडाउन की चर्चाओं और डर के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ हुई हाई-लेवल बैठक ने कई बड़े सवालों के जवाब दे दिए हैं। शुक्रवार शाम करीब ढाई घंटे तक चली इस अहम बैठक में उन मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिनका असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था, आम जनजीवन और सुरक्षा पर पड़ सकता है। खासतौर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते ‘अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान’ तनाव को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में संकेत दिया कि मौजूदा हालात को हल्के में लेने की जरूरत नहीं है, लेकिन घबराने की भी कोई वजह नहीं है। उन्होंने अफवाहों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि गलत जानकारी फैलाने वालों पर नजर रखी जाए और लोगों तक केवल भरोसेमंद सूचना ही पहुंचे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कोविड-19 जैसे संकट में जब देश ‘टीम इंडिया’ बनकर खड़ा हुआ, तब हालात को काबू में किया जा सका था और इस बार भी वही एकजुटता सबसे बड़ी ताकत होगी।
बैठक में सरकार की चार बड़ी प्राथमिकताएं सामने रखी गईं, जिनमें आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, देशवासियों की सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत रखना शामिल है। राज्यों को सख्त निर्देश दिए गए कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर तुरंत कार्रवाई करें और जिला स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय कर स्थिति पर नजर रखें। साथ ही खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए खाद और उर्वरक की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि किसी भी तरह की कमी या संकट न पैदा हो।
सीमावर्ती और तटीय राज्यों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, जहां शिपिंग, जरूरी सामानों की आवाजाही और समुद्री गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया। विदेशों में रह रहे भारतीयों को लेकर भी सरकार गंभीर नजर आई और उनके परिवारों के लिए हेल्पलाइन, नोडल अधिकारी और जिला स्तर पर सहायता केंद्र बनाने के निर्देश दिए गए।
ऊर्जा के मोर्चे पर भी बड़ा संकेत मिला, जहां प्रधानमंत्री ने पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करने और सौर ऊर्जा, जैव ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहन और PNG जैसी वैकल्पिक ऊर्जा को तेजी से बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भरोसा दिलाया कि देश में LPG, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और जरूरत पड़ने पर सरकार और कदम उठाने के लिए तैयार है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्रियों ने भी केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की और भरोसा जताया कि हालात नियंत्रण में हैं। उन्होंने ‘टीम इंडिया’ की भावना से मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। अंत में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर साफ कर दिया कि यह चुनौती भले बड़ी हो, लेकिन देश की एकजुटता और तैयारी के दम पर इसे भी पार किया जा सकता है।









