आज पेट्रोल-डीजल सस्ता हुआ या महंगा? 10 फरवरी के नए रेट जारी, जानें टंकी फुल कराने से पहले अपनी जेब का हाल!

Did petrol and diesel get cheaper or more expensive today? New rates for February 10th have been released; check your budget before filling up your tank!

नई दिल्ली: भारत में हर दिन की शुरुआत सिर्फ सूरज की रोशनी से नहीं होती, बल्कि पेट्रोल और डीजल की नई कीमतों के साथ होती है. सुबह 6 बजे देश की तेल कंपनियां ताजा रेट जारी करती हैं. इन कीमतों का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. ऑफिस जाने वाला कर्मचारी हो या सामान ढोने वाला ट्रक ड्राइवर, हर कोई इन दामों से प्रभावित होता है.

पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई वजहों से तय होती हैं. अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स की भूमिका इसमें सबसे अहम होती है. यही वजह है कि कभी राहत की उम्मीद बनती है तो कभी महंगाई का डर सताने लगता है.

पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट

आज जारी कीमतों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है. मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये और डीजल 92.02 रुपये प्रति लीटर है.

चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है. अहमदाबाद में पेट्रोल 94.68 रुपये और डीजल 90.35 रुपये प्रति लीटर है. बैंगलोर में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 90.99 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

हैदराबाद में पेट्रोल 107.50 रुपये और डीजल 95.70 रुपये प्रति लीटर है. जयपुर में पेट्रोल 104.91 रुपये और डीजल 90.38 रुपये प्रति लीटर पर है. लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

पुणे में पेट्रोल 103.87 रुपये और डीजल 90.40 रुपये प्रति लीटर है. इंदौर में पेट्रोल 106.81 रुपये और डीजल 92.18 रुपये प्रति लीटर दर्ज हुआ है. पटना में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 91.66 रुपये प्रति लीटर है. सूरत में पेट्रोल 94.69 रुपये और डीजल 90.38 रुपये प्रति लीटर पर है. नासिक में पेट्रोल 104.50 रुपये और डीजल 91.02 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.

आम आदमी पर क्या पड़ता है असर

पेट्रोल और डीजल के दाम सिर्फ वाहन चालकों को ही प्रभावित नहीं करते. इनके बढ़ते दामों से ट्रांसपोर्ट महंगा होता है. जब माल ढुलाई का खर्च बढ़ता है तो सब्जी, फल और रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें भी महंगी हो जाती हैं. यही वजह है कि फ्यूल की कीमतें हर परिवार के बजट को झकझोर देती हैं. जब कीमतों में स्थिरता रहती है या थोड़ी गिरावट आती है तो आम आदमी को थोड़ी राहत महसूस होती है. हालांकि मौजूदा रेट्स को देखें तो बड़े स्तर पर राहत की तस्वीर अभी साफ नहीं दिखती.

अंतरराष्ट्रीय बाजार से भारत तक कैसे पहुंचता है असर

फरवरी 2026 के लिए यूएई ने फ्यूल की कीमतों में हल्की कटौती का ऐलान किया है. इससे यह संकेत मिला कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिल रही है. हालांकि भारत में इसका असर तुरंत और पूरी तरह दिखे, यह जरूरी नहीं है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से मंगाता है.

ऐसे में वैश्विक बाजार में होने वाला हर छोटा बदलाव घरेलू कीमतों को प्रभावित करता है. अगर कच्चा तेल सस्ता होता है तो लोगों को राहत की उम्मीद होती है, लेकिन टैक्स और अन्य खर्चों के चलते यह राहत कई बार जेब तक पहुंचते पहुंचते कमजोर हो जाती है.

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