समंदर में Iran–Pakistan का गहरा खेल? Tracking Off कर भारत के पास पहुंचा संदिग्ध टैंकर, 11 घंटे रहा अंधेरे में!
मुंबई तट के पास तीन टैंकर पकड़े गए, फर्जी दस्तावेज़ और Sea-to-Sea ट्रांसफर से मचा हड़कंप

अरब सागर में एक बड़ा समुद्री राज सामने आया है। भारतीय तटरक्षक बल ने मुंबई तट के पास तीन ऐसे तेल टैंकरों को रोका है, जिन पर अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान कनेक्शन का शक है। जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह निकला कि एक टैंकर ने कई दिनों तक पाकिस्तान की समुद्री सीमा में रहते हुए अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद रखा—और फिर भारत के करीब पहुंच गया।Iran–Pakistan
इंडिया टुडे टीवी को मिली एफआईआर के मुताबिक, Indian Coast Guard ने इस महीने की शुरुआत में कार्रवाई करते हुए तीन जहाजों—एमटी एस्फाल्ट स्टार, एमटी अल जाफजिया और एमटी स्टेलर रूबी—को 4–5 फरवरी के बीच रोका। मामला मुंबई के Yellow Gate Police Station में दर्ज किया गया है, जिसके अधिकार क्षेत्र में शहर के तट से दूर भारत का ईईजेड आता है।
11 घंटे “ब्लैकआउट” में चला टैंकर
एफआईआर के अनुसार, एमटी एस्फाल्ट स्टार 20 से 28 जनवरी के बीच पाकिस्तान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में संदिग्ध रूप से संचालित होता दिखा। 28 जनवरी को जहाज करीब 11 घंटे तक पूरी तरह “अंधेरे” में रहा—इस दौरान उसकी ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS), VHF रेडियो और ऑनबोर्ड सेंसर निष्क्रिय पाए गए। जांचकर्ताओं का कहना है कि पहचान छिपाकर इस तरह चलना अवैध समुद्री गतिविधियों के पैटर्न से मेल खाता है।Iran–Pakistan
बिना सूचना ईंधन का ट्रांसफर?
अधिकारियों के मुताबिक, तीनों जहाज भारतीय प्राधिकरणों को सूचित किए बिना Ship-to-Ship ईंधन हस्तांतरण कर रहे थे।
लगभग 30 मीट्रिक टन भारी ईंधन तेल कथित तौर पर जाली दस्तावेजों के सहारे एमटी अल जाफजिया को भारत के ईईजेड में ट्रांसफर किया गया।
वहीं 5,473 मीट्रिक टन बिटुमेन (VG-40) एमटी स्टेलर रूबी को स्थानांतरित किया गया।
तटरक्षक बल ने इस व्यवहार को “अत्यंत संदिग्ध” बताया है और इसे समुद्री नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में रखा है।
Iran–Pakistan कनेक्शन पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, जब्त टैंकरों में से एक का ईरान से संबंध होने का दावा है, और अमेरिकी प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि में यह मामला और संवेदनशील हो गया है। पाकिस्तान के EEZ में ट्रैकिंग बंद रखने और फिर भारत के समुद्री क्षेत्र के करीब सक्रिय होने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
आगे क्या?
जांच एजेंसियां जहाजों के रूट, कार्गो सोर्स और दस्तावेज़ों की गहन पड़ताल कर रही हैं। अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला केवल अवैध समुद्री गतिविधि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से भी जुड़ सकता है।
अरब सागर की लहरों के नीचे आखिर क्या छिपा था? जांच पूरी होने तक यह “समुद्री रहस्य” और गहराता जा रहा है।









