Illegal Sperm Bank: विरार में ‘गुप्त लैब’ का खुलासा… बिना लाइसेंस चल रहा था स्पर्म बैंक, जांच में सामने आया खतरनाक रैकेट
शिकायत के बाद नगर निगम की टीम ने मारी रेड, अवैध स्पर्म स्टोरेज और बिक्री का पर्दाफाश; बदलापुर में अंडाणु तस्करी का मामला भी आया सामने

मुंबई/विरार। महाराष्ट्र के विरार से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई में एक अवैध स्पर्म बैंक रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVCMC) की टीम ने छापेमारी कर उस जगह का खुलासा किया, जहां बिना किसी सरकारी अनुमति के दाताओं से शुक्राणु एकत्र कर उनका भंडारण और अवैध कारोबार किया जा रहा था।
यह मामला सामने आने के बाद पूरे राज्य में IVF और ART केंद्रों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Illegal Sperm Bank:शिकायत के बाद बनी जांच टीम
नगर निगम को मिली शिकायत के बाद आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जांच टीम का गठन किया। इस टीम का नेतृत्व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी कर रही थीं। टीम को शक था कि विरार इलाके में किसी निजी संस्था के नाम पर अवैध तरीके से प्रजनन से जुड़ा कारोबार चलाया जा रहा है।
Illegal Sperm Bank:विरार में छापेमारी, खुल गया ‘सीक्रेट स्पर्म बैंक’
9 मार्च को जांच टीम ने विरार पूर्व स्थित पद्मीबाई टॉवर में संचालित जीवदानी साइंटिफिक कंपनी पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि यहां बिना किसी वैध अनुमति के स्पर्म संग्रहण और स्टोरेज किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि कंपनी के संचालक मयूर भागवत संख्ये और कमलेश शंकर खुत सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (ART) अधिनियम 2021 का उल्लंघन कर रहे थे। संबंधित संस्था ART बैंक के रूप में पंजीकृत नहीं थी, इसके बावजूद वहां बड़ी मात्रा में शुक्राणुओं का अवैध भंडारण और संभावित बिक्री की जा रही थी।
नगर निगम की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।
Illegal Sperm Bank:बदलापुर में अंडाणु तस्करी का खुलासा
इसी बीच ठाणे जिले के बदलापुर में भी एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सुलक्षणा गाडेकर नाम की महिला पर अपने घर से स्त्री बीज (ओवम) की अवैध तस्करी चलाने का आरोप लगा है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को पैसों का लालच देकर उन्हें हार्मोन इंजेक्शन लगाए जाते थे, जिससे उनके शरीर में अधिक अंडाणु विकसित हों। इसके बाद महिलाओं को IVF क्लीनिक भेजा जाता, जहां सर्जरी के जरिए अंडाणु निकालकर उन्हें अवैध रूप से बेचा जाता था।
पूरे राज्य में जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूरे राज्य में संचालित IVF और ART केंद्रों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें अलग-अलग शहरों में जांच और छापेमारी कर रही हैं।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंडाणु और प्रजनन सामग्री की तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Illegal Sperm Bank:प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर उठे सवाल
विरार और बदलापुर के इन मामलों ने महाराष्ट्र में प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं और ART केंद्रों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे गैरकानूनी रैकेट्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।








