सर्दियों में यह साग नहीं खाया तो बढ़ जाएगी बीमारी! खून की कमी से लेकर जोड़ों के दर्द तक…मकोय करता है अंदरूनी इलाज…
आयुर्वेद का छुपा हुआ खजाना मकोय का साग, जो ठंड में बनता है शरीर की ढाल—जानिए क्यों इसे नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

सर्दियों का मौसम आते ही शरीर पर ठंड, सुस्ती और कमजोरी का हमला शुरू हो जाता है। अगर इस दौरान खानपान में थोड़ी भी लापरवाही हो जाए, तो खून की कमी, जोड़ों का दर्द, सर्दी-खांसी और इम्युनिटी कमजोर होना आम बात है। लेकिन आयुर्वेद में एक ऐसा देसी साग बताया गया है, जिसे अगर सर्दियों में डाइट से बाहर कर दिया, तो शरीर अंदर से टूटने लगता है।
हम बात कर रहे हैं मकोय के साग की—जिसे गांवों में पीढ़ियों से औषधि की तरह खाया जाता रहा है। आयुर्वेद के अनुसार मकोय वात और कफ दोष को शांत करता है, जबकि विज्ञान मानता है कि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को अंदर से रीबूट कर देते हैं।
सेहत का देसी कवच है मकोय का साग
मकोय का साग सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि पोषण का पावरहाउस है। इसमें भरपूर मात्रा में—
आयरन
कैल्शियम
फाइबर
विटामिन A और C
शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट
मौजूद होते हैं। सर्दियों में इसका सेवन शरीर को गर्माहट देता है और कई गंभीर परेशानियों से बचाने में मदद करता है।
खून की कमी को करता है जड़ से खत्म
अगर आपको जल्दी थकान होती है, चक्कर आते हैं या कमजोरी महसूस होती है, तो यह खून की कमी का संकेत हो सकता है।
मकोय के साग में मौजूद आयरन हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, जिससे शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन सही मात्रा में पहुंचती है। नियमित सेवन से शरीर में धीरे-धीरे ताकत लौटने लगती है।
लिवर को करता है साफ, पाचन बनाता है मजबूत
लिवर शरीर का सबसे अहम अंग है, जो खून को साफ करता है। आयुर्वेद के अनुसार मकोय—
लिवर को डिटॉक्स करता है
पाचन अग्नि को मजबूत बनाता है
विज्ञान भी मानता है कि मकोय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं।
जिन लोगों को गैस, अपच या लिवर से जुड़ी समस्या रहती है, उनके लिए यह साग रामबाण है।
सर्दी-खांसी और बार-बार बीमार पड़ने से बचाव
सर्दियों में संक्रमण तेजी से फैलता है। आयुर्वेद के अनुसार मकोय की तासीर हल्की गर्म होती है, जो शरीर में जमी ठंड को बाहर निकालती है।
इसमें मौजूद विटामिन C और फाइटोकेमिकल्स इम्युनिटी को मजबूत करते हैं, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत
घुटनों, कमर और जोड़ों का दर्द सर्दियों में ज्यादा परेशान करता है।
आयुर्वेद में मकोय को सूजन कम करने वाला माना गया है। विज्ञान भी बताता है कि इसमें मौजूद प्राकृतिक यौगिक सूजन पैदा करने वाले तत्वों को शांत करते हैं, जिससे दर्द में धीरे-धीरे राहत मिलती है।
त्वचा रोगों में भी असरदार
आयुर्वेद मानता है कि जब खून साफ होता है, तो त्वचा अपने आप ठीक होने लगती है।
मकोय का साग—
खून को शुद्ध करता है
फोड़े-फुंसी और खुजली में राहत देता है
दाग-धब्बे कम करने में मदद करता है
इसके एंटीऑक्सीडेंट त्वचा कोशिकाओं को नुकसान से बचाकर नेचुरल ग्लो देते हैं।


















