पटना। पटना के राजीव नगर में अतिक्रमण हटाने गयी प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला बोल दिया है। स्थानीय लोगों ने पहले प्रशासन की टीम पर पथराव किया, जवाब में पुलिस पहले आंसू गैस के गोल छोड़े और फिर हवाई फायरिंग कर भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश की। हालात इतने बिगड़ गये हैं कि सिटी एसपी अमरीश राहुल, महिला पुलिसकर्मी प्रिया कुमारी चौधरी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गये हैं। वहीं आधा दर्जन आमलोग भी घायल हुए हैं। आग लगाकर रास्ता जाम करने की कोशिश कर रहे स्थानीय लोगों के झुलसने की भी खबर है।

मौके पर 1 दर्जन से ज्यादा बुलडोजर के साथ 2000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। पुलिस की तरफ लगातार कोशिश के बावजूद हालात अभी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अभी भी रूक रूककर पत्थरबाजी हो रही है और पुलिस से झड़प हो रही है। हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए कि पूरे इलाके को छावनी में बदलना पड़ गया। इधर हालात बिगड़ते देख खुद पटना के एसएसपी दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचे हुए हैं। निर्माणाधीन मकान तोड़ने का विरोध कर रहे लोगों ने पत्थरबाजी की है, जिसमें पटना के एसपी चोटिल हुए हैं।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सिलेंडर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी और धमाके की कोशिश की है। फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है। राज्‍य आवास बोर्ड की जमीन पर 70 से ज्यादा मकान अतिक्रमण कर बनाये गये थे। प्रशासन ने इसे खाली करने का नोटिस एक माह पूर्व ही दिया था। लेकिन जब तय वक्त पर जगह खाली नहीं किया गया तो प्रशासन आज 1 दर्जन से अधिक जेसीबी और लगभग दो हजार की संख्या में पुलिसकर्मियों के साथ राजीव नगर पहुंची। इसके बाद राजीव नगर में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर चलना शुरू हो गया। राजीव नगर में जब बुलडोजर से निर्माण कार्य को तोड़ा जा रहा था, तभी आक्रोशित लोगों ने प्रशासन की टीम पर हमला बोल दिया। काफी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए।

आपको बता दें कि प्रशासन ने करीब 1 महीने पहले की इन सभी मकानों को तोड़कर हटाने के लिए संबंधित गृह स्वामियों को नोटिस दिया था। इसके बाद प्रभावित लोगों ने आंदोलन शुरू किया था। साथ ही प्रशासन से गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि मकान के लिए वो नगर निगम को वोट टैक्स देते हैं। इसी मकान पर बिजली कनेक्शन और अन्य सुविधाएं हासिल है, फिर उनके मकान को क्यों और कैसे तोड़ा जाएगा। इस मामले में प्रभावित लोगों की गुहार पर अंचल अधिकारी ने सुनवाई की थी। उनके दावे सुनने के बाद और दस्तावेज को देखने के बाद उनके दावे को खारिज किया गया और 1 हफ्ते का समय देकर खुद ही मकान को तोड़कर हटाने के लिए कहा गया।

ऐसा नहीं करने पर मकान को प्रशासन की तरफ से तोड़ने और हर्जाना भी लगाने की बात कही गई थी। अतिक्रमण हटाने आई टीम को रोकने के लिए रास्ते में आग लगाकर रोकने की कोशिश की गयी। इस क्रम में सात लोगों की आग से झुलसने की बात मोहल्ले के लोग कह रहे हैं। राजीव नगर इलाके में दो हजार से ज्यादा पुलिस बल को तैनात किया गया है।

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