सिविल सर्जन के घर भीषण डकैती: गणतंत्र दिवस पर दिनदहाड़े भीषण डाका, डाक्टर के घर घुसे डकैतों ने बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर मचायी लूटपाट, लाखों लूटे, परिजनों की हालत गंभीर
A massive robbery at the Civil Surgeon's home: A horrific robbery in broad daylight on Republic Day. Robbers entered the doctor's home, injected him with anesthesia, and looted him, looting lakhs of rupees, and the family's condition is critical.

Crime News : गणतंत्र दिवस की सुबह सिविल सर्जन के घर भीषण डकैती हुई है। परिवार के लोगो को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर लाखों की लूट की गयी है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मामला बिहार के जमुई जिले का है। जहा अपराधियों ने पुलिस-प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए पूर्व सिविल सर्जन के घर बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया।
ताला तोड़कर घर में घुसे हथियारबंद बदमाश
अहले सुबह हथियार से लैस करीब पांच नकाबपोश बदमाशों ने जिले के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी के घर धावा बोला और पूरे परिवार को बेहोश कर लूटपाट की।जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 जनवरी की सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच हुई।
हथियारबंद बदमाशों ने पहले घर का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। बदमाशों के हाथों में पिस्टल और अन्य हथियार थे। उन्होंने बंदूक की नोंक पर पूर्व सिविल सर्जन डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी और उनकी पत्नी पुष्पम सत्यार्थी को बंधक बना लिया।
बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर दिया वारदात को अंजाम
बदमाशों ने लूटपाट से पहले दंपति को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। इसी दौरान बाथरूम से बाहर निकले उनके पुत्र डॉ. विक्रम सत्यार्थी को भी अपराधियों ने पकड़ लिया और इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने घर में जमकर लूटपाट की।
पीड़ित डॉ. विक्रम सत्यार्थी ने होश में आने के बाद बताया कि बदमाशों ने धमकी देते हुए कहा कि उन्हें जानकारी दी गई है कि घर में 80 लाख रुपये रखे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिता और पुत्र की हत्या की सुपारी उन्हें दी गई है। पिस्टल दिखाकर जबरन इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद तीनों को कुछ भी याद नहीं रहा।
सुबह पड़ोसियों ने देखी भयावह स्थिति
घटना का खुलासा सुबह करीब 8:30 बजे हुआ, जब पड़ोसी घर पहुंचे और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। अंदर जाकर देखा तो डॉ. विजयेंद्र सत्यार्थी, उनकी पत्नी और पुत्र तीनों अचेत अवस्था में पड़े थे। इसके बाद तुरंत पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही झाझा विधायक दामोदर रावत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। तीनों को तत्काल जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। फिलहाल तीनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी, CCTV खंगाले जा रहे
गिद्धौर थाना के एसआई जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के सभी सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं। उनके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद बयान दर्ज किया जाएगा।
पुलिस ने सभी पहलुओं से जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना सुबह 5 से 6 बजे के बीच की प्रतीत होती है। पुलिस बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित करने की तैयारी में है।









