5 घंटे की पूछताछ में फूटा ‘किडनी माफिया’ का खौफनाक सच! 16 डॉक्टरों के नाम उजागर, 40 से ज्यादा गुप्त सर्जरी का पर्दाफाश
जेल में बैठा मास्टरमाइंड उगलता गया राज, गरीबों की किडनी से करोड़ों का खेल—अब कई बड़े अस्पताल जांच के घेरे में

Kanpur से सामने आए चर्चित अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में अब एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस काले कारोबार के मास्टरमाइंड शिवम अग्रवाल से पुलिस ने जेल के भीतर करीब 5 घंटे तक मैराथन पूछताछ की, जिसमें 50 से ज्यादा सवाल दागे गए। इस पूछताछ के बाद जो सच सामने आया, उसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है।
पूछताछ के दौरान शिवम अग्रवाल ने कबूल किया कि वह अब तक 6 से ज्यादा किडनी ट्रांसप्लांट खुद करवा चुका है। हालांकि पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके नेटवर्क के जरिए Kanpur में 40 से अधिक अवैध ट्रांसप्लांट किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोपी के बयान के आधार पर 16 बड़े डॉक्टरों के नाम सामने आए हैं, जबकि 10 से ज्यादा नर्सिंग होम और अस्पतालों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि Priya Hospital और Ahuja Hospital जैसे अस्पतालों में नियमों को दरकिनार कर अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट किए जाते थे। यह पूरा नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार Delhi और Uttarakhand तक फैले हुए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था। किडनी देने वालों को 8 से 10 लाख रुपये का लालच दिया जाता था, जबकि जरूरतमंद मरीजों से 60 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक वसूले जाते थे। यानी इंसानी मजबूरी को करोड़ों के धंधे में बदल दिया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने 3 विशेष टीमें गठित की हैं, जो Uttar Pradesh के अलावा अन्य राज्यों में भी छापेमारी कर रही हैं। जांच के दौरान कई अहम वीडियो और चैट भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिससे इस रैकेट की जड़ें और गहरी होने के संकेत मिल रहे हैं।
बताया जा रहा है कि शिवम अग्रवाल खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह अस्पतालों के साथ मिलीभगत कर डोनर्स और मरीजों के बीच कड़ी का काम करता था। मार्च में Kalyanpur और Rawatpur क्षेत्र के निजी अस्पतालों पर हुई छापेमारी के बाद से ही इस खौफनाक रैकेट की परतें लगातार खुलती जा रही हैं।
अब सवाल यह है कि इस नेटवर्क में और कितने बड़े नाम सामने आएंगे और क्या इस काले धंधे में शामिल सभी दोषियों तक कानून पहुंच पाएगा या नहीं।









