कश्मीर की खौफनाक तस्वीर संसद में उजागर! 7 साल में 1050 आतंकी हमले, 687 आतंकियों का खात्मा… लेकिन चौंकाने वाले हैं शहीदों के आंकड़े
संसद में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पेश किए आंकड़े — आतंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सैकड़ों आतंकी ढेर और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां

देश की सुरक्षा और कश्मीर में आतंकवाद की स्थिति को लेकर संसद में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। गृह राज्य मंत्री Nityanand Rai ने संसद में एक रिपोर्ट साझा करते हुए बताया कि पिछले सात वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है।
सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, साल 2017 से 2023 के बीच देश में कुल 1050 आतंकवादी हमले और घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने भी आतंकियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया और बड़ी संख्या में आतंकवादियों को मार गिराया।
आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन
संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, 2017 से 2023 के बीच सुरक्षा बलों ने आतंकवाद के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चलाए। इन अभियानों के दौरान कुल 687 आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया, जबकि 616 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया।
सरकार का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं और देश की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
देश के लिए कुर्बान हुए 288 सुरक्षाकर्मी
आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में देश के सुरक्षाकर्मियों ने भी बड़ी कुर्बानी दी है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, इन सात वर्षों के दौरान 288 सुरक्षाकर्मी देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए।
इतना ही नहीं, अलग-अलग आतंकी घटनाओं में 802 सुरक्षाकर्मी घायल भी हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि आतंकवाद के खिलाफ यह जंग कितनी कठिन और जोखिम भरी रही है।
आम नागरिक भी बने आतंक का शिकार
आतंकवादी हमलों का असर सिर्फ सुरक्षाबलों तक सीमित नहीं रहा। इन घटनाओं में आम नागरिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2017 से 2023 के बीच हुए आतंकी हमलों में 243 नागरिकों की मौत हुई, जबकि 599 लोग घायल हुए।
हालांकि सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों को राहत और सुरक्षा प्रदान की जा रही है और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।
इन आंकड़ों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल लगातार मोर्चे पर डटे हुए हैं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी भी जारी है।









