हजारीबाग केस में हाई कोर्ट सख्त: रेप-मर्डर मामले में सरकार और पुलिस से मांगा जवाब, ‘लापरवाही’ पर गिरेगी गाज!
High Court Takes Strict Stance in Hazaribagh Case: Seeks Response from Government and Police in Rape-Murder Case; 'Negligence' to Face the Music!

हजारीबाग में नाबालिग बच्ची के साथ रेप और हत्या के जघन्य वारदात मामले में हाईकोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली पीठ ने घटना को दुर्लभतम मानते हुए पुलिस प्रशासन के प्रति कड़ी नाराजगी जताई है. हाईकोर्ट ने इस केस में झारखंड के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करके जवाब-तलब किया है.
अदालत ने घटना में संलिप्त दोषियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर भी नाराजगी जताई है.
अब हजारीबाग पुलिस प्रशासन पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बन रहा है. दरअसल, वारदात को 6 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक दोषियों का सुराग नहीं लगा पाई है. इतने जघन्य कांड में अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है.
बिष्णुगढ़ के कोसुंभा गांव की है वारदात
दरअसल, मामला हजारीबाग जिला के बिष्णुगढ़ थानाक्षेत्र अंतर्गत कोसुंभा गांव का है. यहां एक नाबालिग बच्ची की रेप के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नाबालिग के साथ रेप और हत्या की भयावह वारदात का खुलासा हुआ है. पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में बांस का टुकड़ा डाल दिया गया था. उसकी आंखों में चोट के गंभीर निशान थे. पीड़िता की जुबान काट ली गई थी और मुंह में पत्थर ठूंस दिया गया था.









