उत्तरकाशी आपदा….खराब मौसम से हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ठप, 68 अब भी लापता…अस्थायी झील बनी नई चिंता….
हर्षिल-धराली क्षेत्र में बादल फटने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन 9वें दिन भी जारी

उत्तरकाशी आपदा….खराब मौसम से हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ठप, 68 अब भी लापता…अस्थायी झील बनी नई चिंता…. हेलीकॉप्टर ऑपरेशन फिर ठप
मौसम बाधा बना सबसे बड़ा रोड़ा
खराब मौसम और भारी बारिश के कारण आज भी धराली और हर्षिल क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन रद्द करना पड़ा है।संचार नेटवर्क अब भी ठप
मोबाइल और रेडियो नेटवर्क अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं, जिससे संचार मुश्किल हो रहा है।
अब तक का हाल
स्थिति | विवरण |
---|---|
लापता लोग | 68 (जिनमें 24 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं) |
सुरक्षित निकाले गए लोग | 1,278 |
मृतकों की पुष्टि | 5 |
बिजली और नेटवर्क बहाली | आंशिक रूप से बहाल, प्रयास जारी |
सड़कें खुली | 243/359 सड़कों को खोला गया |
स्थानीय नुकसान | गंगोत्री धाम की 300+ दुकानें बंद, अनुमानित नुकसान ₹50 करोड़ |
अस्थायी झील बनी नई चिंता
हरसिल के पास बादल फटने से बनी अस्थायी झील की लंबाई 400–500 मीटर मानी जा रही है।
विशेषज्ञों और NDRF की टीम इसकी सुरक्षित निकासी और बांध टूटने के जोखिम को लेकर सतर्क निगरानी कर रही है।
सरकारी राहत व घोषणाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने:
मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया।
राहत सामग्री वितरण और बेली ब्रिज निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बिजली, पानी और नेटवर्क बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
सड़क और आवागमन स्थिति
243 सड़कें चालू, बाकी 116 को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी।
कई संपर्क मार्ग भूस्खलन या बहाव के कारण अभी भी अवरुद्ध हैं।
रेस्क्यू में उपयोग हो रही तकनीक
SDRF और अन्य एजेंसियां:
ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार और
सूंघकर पता लगाने वाले कुत्तों का उपयोग कर रही हैं।
महत्वपूर्ण अपील
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे प्रभावित क्षेत्रों की यात्रा से बचें।
गंगोत्री यात्रा पर जाने वालों को केवल आवश्यक होने पर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
यदि आप क्षेत्र में हैं या किसी परिजन से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो मैं आपको सरकारी हेल्पलाइन नंबरों और स्थानीय प्रशासन से संपर्क साधने के तरीके भी दे सकता हूँ। बताएं, क्या मदद चाहिए?