रूह कंपा देने वाली वारदात! ‘भूत भगाने’ के नाम पर मां ने ही ली बेटी की जान…अदालत ने सुनाई जेल की सजा…
अंधविश्वास का खौफनाक अंजाम—जिसे बचाने की कोशिश थी, वही बन गई मौत की वजह

रूह कंपा देने वाली वारदात! ‘भूत भगाने’ के नाम पर मां ने ही ली बेटी की जान…अदालत ने सुनाई जेल की सजा…
अंधविश्वास किस हद तक इंसान को अंधा कर सकता है, इसका खौफनाक उदाहरण भारत के पड़ोसी देश चीन से सामने आया है। यहां एक मां पर अपनी ही बेटी की मौत का जिम्मेदार होने का आरोप साबित हुआ है। मामला किसी साजिश का नहीं, बल्कि ‘भूत भगाने’ की रस्म के दौरान हुई ऐसी गलती का है, जिसने एक मासूम की जान ले ली।दक्षिणी चीन की एक अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में महिला को सस्पेंडेड जेल की सजा सुनाई है।
कोर्ट का फैसला: मां और बड़ी बेटी दोनों दोषी
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्वांगडोंग प्रांत के शेन्ज़ेन की अदालत ने जुलाई में
👉 ली नाम की महिला को
👉 4 साल की सजा (3 साल के लिए सस्पेंडेड) सुनाई।
हैरानी की बात यह है कि इस रस्म में शामिल बड़ी बेटी को भी लापरवाही से हत्या के आरोप में वही सजा दी गई।
अंधविश्वास में डूबा पूरा परिवार
प्रॉसिक्यूटर के अनुसार, ली और उसकी दोनों बेटियां
टेलीपैथी
भूत-प्रेत
आत्मा और शैतानी हमलों
जैसी बातों से गहराई तक प्रभावित थीं।
उन्हें यकीन था कि उन पर शैतान का साया है और उनकी “आत्माएं बिक चुकी हैं”।
‘भूत भगाने’ की रस्म बनी मौत की वजह
पिछले साल दिसंबर में छोटी बेटी (सरनेम ज़ी) ने अचानक दावा किया कि
👉 उस पर भूत सवार हो गया है,
👉 और उसने मां व बहन से भूत भगाने की रस्म करने को कहा।
रस्म के दौरान—
उसकी छाती पर जोर से दबाव डाला गया
उल्टी करवाने के लिए गले में पानी डाला गया
एक समय पर लड़की ने खुद कहा कि
👉 “रस्म असर कर रही है, इसे जारी रखो।”
सुबह हुआ दिल दहला देने वाला खुलासा
अगली सुबह परिवार के अन्य सदस्यों ने
👉 लड़की को बेजान हालत में पड़ा पाया,
👉 उसके मुंह से खून निकल रहा था।
पुलिस को बुलाया गया, लेकिन
👉 मेडिकल टीम ने मौके पर ही उसे मृत घोषित कर दिया।
कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने माना कि—
मां और बहन का मारने का इरादा नहीं था,
उन्हें लगता था कि वे मदद कर रही हैं,
लेकिन
👉 उनके कृत्यों की वजह से ही लड़की की मौत हुई,
👉 जो कि स्पष्ट लापरवाही का मामला है।
सजा सुनाते वक्त अदालत ने
✔️ उनके सहयोग
✔️ और पछतावे
को भी ध्यान में रखा।
क्या होती है भूत भगाने की रस्म?
ब्रिटानिका के अनुसार, भूत भगाने की रस्म वह प्रक्रिया है जिसमें
👉 किसी व्यक्ति, जगह या वस्तु से
👉 बुरी आत्माओं को बाहर निकालने की प्रार्थना या क्रिया की जाती है।
यह प्रथा
मिस्र
बेबीलोन
जैसी प्राचीन सभ्यताओं से चली आ रही है और आज भी कई संस्कृतियों में मौजूद है।
यह घटना एक कड़वी चेतावनी है कि
👉 अंधविश्वास जब हद पार करता है,
👉 तो इंसान अपने ही खून का दुश्मन बन जाता है।
अब सवाल यह है—
क्या समाज समय रहते अंधविश्वास के इस ज़हर को पहचान पाएगा, या फिर ऐसी रूह कंपा देने वाली घटनाएं दोहराती रहेंगी?



















