झारखंड : साहिबगंज अवैध खनन मामला…फरार आरोपी दाहू यादव की अग्रिम जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई
Jharkhand: Sahibganj Illegal Mining Case... Jharkhand High Court Hears Anticipatory Bail Plea of Absconding Accused Dahu Yadav

रांची। झारखंड के साहिबगंज अवैध खनन मामले में फरार आरोपी राजेश यादव उर्फ दाहू यादव की अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की नजर कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद फरार
इस मामले में अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने दाहू यादव को पीएमएलए कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने आज तक सरेंडर नहीं किया। इसी वजह से उनकी जमानत याचिका और भी संवेदनशील हो गई है।
ED की लगातार कार्रवाई
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दाहू यादव को कई बार समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। इसके बाद ED ने अन्य आरोपियों के खिलाफ भी केस दर्ज कर जांच को तेज कर दिया।
1250 करोड़ रुपये के अवैध खनन का खुलासा
साहिबगंज में करीब 1250 करोड़ रुपये के अवैध खनन का मामला सामने आया है। ED की जांच में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें पंकज मिश्रा, बच्चू यादव, सुनील यादव, पशुपति यादव समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।
करोड़ों रुपये और बैंक खाते जब्त
जांच के दौरान ED ने दाहू यादव और उसके सहयोगियों से जुड़े 37 बैंक खातों में जमा 11.88 करोड़ रुपये जब्त किए। इसके अलावा साहिबगंज और अन्य जगहों पर छापेमारी के दौरान 5.34 करोड़ रुपये नकद, कई अहम दस्तावेज और अवैध रूप से चल रहे पांच स्टोन क्रशर जब्त किए गए। पांच अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद हुए।
व्यापक छापेमारी और सबूत जुटाए गए
ED ने साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा समेत 19 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े कई अहम सबूत हाथ लगे, जिससे पूरे मामले की परतें खुलीं।
पुलिस केस से शुरू हुई ED की जांच
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत साहिबगंज के बरहरवा थाने में दर्ज कांड संख्या 85/2020 से हुई थी। इसी केस के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया, जो अब 1250 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले के रूप में सामने आया है।









