Health Tips: गर्मी भी दिल के लिए घातक, हार्ट अटैक का बढ़ जाता है रिस्‍क, ये वजह हैं जान की दुश्मन, डॉक्टर से जानें बचने के उपाय

Heart Attack in Summer: मई महीने में तापमान करीब 44 डिग्री सेल्‍सियस तक पहुंच गया है. वहीं आने वाले मई और जून के महीनों में सूरज का पारा और भी ऊपर चढ़ जाएगा. भीषण गर्मी पड़ने से जहां स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी कई गंभीर खतरे पैदा हो जाते हैं वहीं दिल के रोगियों के लिए भी यह समय काफी कठिन हो जाता है। अगर आपको भी लगता है कि सर्दी में ही हार्ट अटैक के केस ज्‍यादा आते हैं तो जान लें कि गर्मी भी हार्ट के लिए उतनी ही नुकसानदेह है।

स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की मानें तो गर्मी के मौसस में भी दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और हार्ट अटैक, हीट स्‍ट्रोक सहित दिल की कई अन्‍य बीमारियां होने की संभावना पैदा हो जाती है.गर्मी के मौसम में दिल का दौरा पड़ने और हार्ट फेल की घटनाएं भी काफी बढ़ जाती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, बहुत अधिक और हाई इंटेंसिटी की फिजिकल एक्टिविटी, ज्यादा शारीरिक श्रम और ब्लड प्रेशर में बदलाव हैं।

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हीट स्ट्रेस- गर्मी की वजह से भी तनाव बढ़ता है। जब शरीर इंटरनल टेंपरेचर को कंट्रोल करने में फेल होने लगता है तो तनव बढ़ने लगता है। हवा के तापमान के साथ-साथ, आपका काम, कम कपड़े और तेज गर्मी इसकी वजह बनती हैं। काम के कपड़े जैसे कारक गर्मी के तनाव का कारण बन सकते हैं।

डिहाइड्रेशन- जब आप फिजिकल एक्टिविटी करते हैं या फिर शरीर तापमान को बैलेंस करने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है तो शरीर में पानी की कमी होने लगती है। डिहाइड्रेशन के कारण हार्ट बीट भी बढ़ जाती है, जिससे शरीर और हार्ट पर पर अधिक दबाव पड़ता है।

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बहुत फिजिकल एक्टिविटी- गर्मियों में ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी के कारण भी परेशानी हो सकती है। गर्मियों में वर्कआउट के लिए ठंडे मौसम को चुनें यानि आपको सुबह जल्दी या फिर देर शाम फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए। खुले वातावरण की जगह एसी वाली या ठंडी हवादार जगह पर वर्कआउट करें। बीच-बीच में पानी पीते रहें और हाई इंटेंसिटी का व्यायाम करने से बचें।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें- गर्मी के कारण ब्लड प्रेशर में भी बदलाव आते हैं। गर्मियों में खासतौर से बीपी को मेजर करते रहें। जरा भी अप-डाउन फील हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। शरीर के टेंपरेचर को कंट्रोल करने की कोशिश करें और भरपूर पानी पीते रहें। शरीर ठंडा रहेगा तो बीपी कंट्रोल रहेगा।

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गरमी में इन बातों का रखें ख्याल

इस मौसम में ज्‍यादा से ज्‍यादा पानी पीएं और शरीर को हाइड्रेट रखें.
.सबसे ज्‍यादा तापमान के समय में बाहर न निकलें. अगर कोई घर से बाहर का काम है तो दोपहर के समय करने से बचें.
. हल्‍के और सूती कपड़े पहनें.
. बाहर काम या व्‍यायाम करने से इस मौसम में बचें.
. किसी भी नए व्‍यायाम की शुरुआत करने से पहले अपने हेल्थ केयर प्रोवाइडर से सलाह जरूर लें.
. शरीर को डिहाइड्रेट करने वाली चीजें जैसे शराब का सेवन, कैफीन यानि कॉफी और चाय आदि की मात्रा को भी कम से कम रखें.
. गर्मी के मौसम में खानपान हल्‍का रखें. न बहुत ज्‍यादा गर्म और न ही बहुत ठंडे का सेवन करें.

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