हेल्थ टिप: मानसून में ज़हर बन जाती हैं ये 5 सब्जियां! अब भी खा रहे हैं तो सेहत के साथ कर रहे हैं खिलवाड़

बरसात में पत्तागोभी से लेकर भिंडी तक—इन सब्जियों से बढ़ सकता है फूड पॉइजनिंग, गैस, डायरिया और इन्फेक्शन का खतरा

हेल्थ टिप: मानसून में ज़हर बन जाती हैं ये 5 सब्जियां! अब भी खा रहे हैं तो सेहत के साथ कर रहे हैं खिलवाड़

नई दिल्ली: मानसून का मौसम भले ही सुकून भरा लगता हो, लेकिन यह सेहत के लिए चुनौती भरा समय होता है। हवा में नमी के चलते बैक्टीरिया, फंगस और कीटाणु तेजी से बढ़ते हैं, और कई बार हमारी थाली में परोसी जाने वाली सब्जियां बीमारी का ज़रिया बन जाती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कुछ आम सब्जियां इस मौसम में ‘सुपरफूड’ नहीं, बल्कि ‘सुपर रिस्क’ बन जाती हैं। आइए जानते हैं उन 5 सब्जियों के बारे में जिन्हें मानसून में भूलकर भी नहीं खाना चाहिए:

1. पत्तागोभी – कीड़े और बैक्टीरिया का घर

पत्तों के बीच नमी से बैक्टीरिया और कीड़े छिप जाते हैं, जो धोने पर भी नहीं निकलते। इससे फूड पॉइजनिंग और डायरिया का खतरा बढ़ जाता है।

2. फूलगोभी – फंगस और छिपे कीड़े

फूलों की गांठों में कीड़े और फफूंदी लगना आम है। मानसून में इसे खाने से आंतों में इन्फेक्शन हो सकता है। अगर खानी हो, तो पहले गर्म पानी में नमक डालकर भिगोना जरूरी है।

3. भिंडी – फंगस और अपच का खतरा

भिंडी नमी के कारण जल्दी गलती है और इस पर फफूंद जमने लगती है। इससे पेट में गैस, अपच और संक्रमण हो सकता है।

4. पालक और पत्तेदार सब्जियां – मिट्टी और फंगस से भरी

हरी सब्जियों पर मिट्टी और कीटाणु चिपके होते हैं, जो मानसून में और ज्यादा घातक हो जाते हैं। इन्हें पूरी तरह साफ करना मुश्किल होता है।

5. मूली – ठंडी तासीर और मिट्टी से भरा खतरा

मूली की जड़ें नमी के कारण सड़ जाती हैं और संक्रमण का खतरा बढ़ता है। ऊपर से यह कच्ची खाई जाती है, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।

हेल्थ टिप: मानसून में फाइबर और विटामिन से भरपूर, लेकिन कम नमी वाली सब्जियां जैसे तुरई, लौकी, करेला, टिंडा आदि को प्राथमिकता दें। सब्जियां हमेशा अच्छी तरह उबालकर या भूनकर ही खाएं।

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