वाराणसी। ज्ञानवापी केस में आज वाराणसी कोर्ट ने बड़ा निर्णय लिया है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की आपत्ति के बाद कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को हटा दिया है। उनकी जगह पर अब विशाल सिंह को कोर्ट कमिश्नर बनाया है। कोर्ट कमिश्नर की तरफ से ये प्रार्थना की गयी थी कि रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिन की मोहलत दी जाये, जिस पर कोर्ट ने रिपोर्ट पेश करने के लिए दो दिन का वक्त दे दिया है।


अब दो दिन के बाद जब कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जायेगी, तो विशाल सिंह कोर्ट में जवाब पेश करेंगे। मुस्लिम पक्ष ने इस बात का दावा किया है कि सूचनाएं लगातार अजय मिश्रा की तरफ से लीक की जा रही थी। कोर्ट ने अजय प्रताप सिंह और विशाल सिंह को सर्वें टीम का हिस्सा बनाये रखने का निर्देश दिया है।
इधर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई गुरूवार तक के लिए स्थगित हो गयी है। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले याचिका पर सुनवाई करते हे कहा कि इस मामले में अभी निचली अदालत में सुनवाई हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि दीवानी अदालत को किसी भी आगे की कार्यवाही से पहले मामले की स्थिरता पर मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुनवाई करने का निर्देश दिया जा सकता है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम आदेश जारी करेंगे कि जिला मजिस्ट्रेट उस जगह की सुरक्षा करें जहां शिवलिंग मिला है। लेकिन ये लोगों के नमाज अदा करने के रास्ते में नहीं आना चाहिये।


सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई शिवलिंग है तो हम कहते हैं कि कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि मुसलमानों के प्रार्थना करने के अधिकार को प्रभावित किये बिना शिवलिंग की रक्षा की जाये।

क्यो हटाये गये कोर्ट कमिश्नर

मुस्लिम पक्ष ने ये आरोप लगाया है कि कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा लगातार सूचनाएं लीक कर रहे थे। आरोप ये है कि वो पक्षपात कर रहे थे और हिंदू पक्ष में काम कर रहे थे। मुस्लिम पक्ष की आपत्ति के बाद वाराणसी कोर्ट ने कहा है कि कोई भी अधिवक्ता आयोग को एक लोक सेवक की तरह काम करना होता है, लेकिन अजय मिश्रा ने एक प्राइवेट कैमरामैन हायर किया, जिसने खबरें लीक की है।

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