नयी दिल्ली। दुनिया के महान फुटबॉलर पेले नहीं रहे। पेले ने 82 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। पेले तीन बार विश्व कप जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 1958, 1962 और 1970 में खेल की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी फीफा वर्ल्ड कप जीता था। पेले को सांस के संक्रमण के इलाज और कीमोथेरेपी के लिए पिछले महीने के अंत में साओ पाउलो के अल्बर्ट आइंस्टीन अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हाल के सालों में उन्होंने अपनी रीढ़, कूल्हे, घुटने और गुर्दे सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना किया था।

इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी ने 1999 में पेले को एथलीट ऑफ द सेंचुरी चुना था। उनके नाम 1363 मुकाबलों में 1279 गोल करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। पेले 3 वर्ल्ड कप जीतने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी थे। उन्होंने 1958, 1962 और 1970 में तीन वर्ल्ड कप जीते थे। वो ब्राजील के लिए संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी भी थे। उन्होंने 92 मैच में 77 गोल किए थे।

16 साल की उम्र में नेशनल टीम का हिस्सा बने

पेले ने 15 साल की उम्र में सांतोस की तरफ से फुटबॉल खेलना शुरू किया था और 16 साल की उम्र में तो उन्होंने ब्राजील की नेशनल टीम में जगह बना ली. पेले ने 7 जुलाई 1957 को अर्जेंटीना के लिए इंटरनेशनल स्तर पर डेब्यू किया था. ब्राजील ने वो मुकाबला 2-1 से जीता था और उस मुकाबले में पेले ने एक गोल करके इतिहास रच दिया था. उस समय पेले की उम्र 16 साल 9 महीने थे और वो गोल करने वाले ब्राजील के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. इसके अगले ही साल उन्होंने वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और पेले वर्ल्ड कप खेलने वाले उस समय के सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में पेले ले हैट्रिक लगा दी थी और वो वर्ल्ड कप के इतिहास में ऐसा करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. यहीं नहीं 1958 में पेले वर्ल्ड कप का फाइनल खेलने वाले भी सबसे युवा खिलाड़ी बने थे. फाइनल के समय उनकी उम्र 17 साल 249 दिन थी. फाइनल में पेले ने 2 गोल किए थे और ब्राजील ने स्वीडन को हराकर खिताब जीत लिया था. इसके बाद तो पेले दुनियाभर में छा गए. पूरी दुनिया ने उनका लोहा माना।