महागठबंधन के विधायक हैदराबाद उड़े : JMM और कांग्रेस विधायक को अभी भी टूट का डर, विधायकों को बचाने, हैदराबाद किये गये शिफ्ट, बोले… भाजपा को….

रांची। चंपई सोरेन ने नए मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। वहीं कांग्रेस कोटे से आलमगीर आलम और राजद कोटे से सत्यानंद भोक्ता कैबिनेट मंत्री बने हैं। नई सरकार को 10 दिन में बहुमत साबित करने को कहा गया है। इधर, महागठबंधन के विधायकों को दो दिन के लिए हैदराबाद शिफ्ट किया जा रहा है। इन विधायकों को चार्टर्ड प्लेन से भेजा रहा है। इससे पहले चंपई और गठबंधन के नेताओं ने दावा किया था कि वे बुधवार रात 9 बजे राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे और सरकार बनाने का दावा पेश किया था. लेकिन गवर्नर शपथ ग्रहण के लिए समय नहीं दे रहे हैं।
झाऱखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के विधायकों में टूट की आशंका के मद्देनजर सभी विधायकों को हैदराबाद शिफ्ट किया जा रहा है। महागठबंधन के एक विधायक ने बात करते हुए कहा कि भाजपा का इरादा ठीक नहीं रहता है, ईडी-सीबीआई से परेशान किया जाता है। इसलिए हमलोग एकजुट रहने के लिए जा रहे है, अगर हमलोग एक साथ हैं, तो इसमें क्या बुराई है। आपको बता दें कि आज भाजपा की भी बैठक है। खबर है कि फ्लोर टेस्ट के दौरान भाजपा बड़ा गेम कर सकती है। वैसे भी झामुमो के कई नेता फिलहाल नाराज चल रहे हैं।
बसंत सोरेन और सीता सोरेन की नाराजगी भी पिछले दिनों सामने आयी थी, ऐसे में चंपाई की ताजपोशी के बाद कुछ और विधायकों की नाराजगी सामने आ सकती है। जाहिर है इसका फायदा भाजपा उठाने की कोशिश करेगी। इससे पहले बुधवार रात को ही कथित जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। हेमंत ने पहले राजभवन जाकर सीएम पद से इस्तीफा दिया, उसके बाद ईडी के गिरफ्तार करने वाले मैमो पर साइन किए। हेमंत के ईडी कस्टडी में जाने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा और गठबंधन में शामिल दलों ने चंपई सोरेन को विधायक दल के नेता के रूप में चुना था. इस बीच, हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट में झटका लगा है।









