झारखंड : JTET विवाद पर सरकार सख्त, पारा शिक्षकों के डेटा की 20 अप्रैल तक मांगी रिपोर्ट
Jharkhand: Government Takes Tough Stance on JTET Dispute; Seeks Report on Para-Teachers' Data by April 20

झारखंड : रांची में पारा शिक्षकों से जुड़ी JTET विसंगतियों पर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। झारखंड शिक्षा परियोजना ने सभी जिलों से इस मामले में विस्तृत जानकारी मांगी है, ताकि स्थिति स्पष्ट कर आगे की नीति तय की जा सके।
20 अप्रैल तक देनी होगी रिपोर्ट
शिक्षा परियोजना के निदेशक शशि रंजन ने जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश जारी करते हुए पंचायत स्तर तक की रिपोर्ट मांगी है। इसमें पारा शिक्षकों के चयन, उनकी शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यता के साथ वर्तमान पदस्थापन की पूरी जानकारी शामिल होगी।
प्रमाण पत्रों की होगी जांच
विभाग ने सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट भी अनिवार्य की है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि नियुक्ति के समय तय मापदंड और JTET पात्रता के बीच कितना अंतर है।
चार श्रेणियों में तैयार होगा डेटा
जिलों से मांगी गई जानकारी को चार प्रमुख वर्गों में बांटा गया है:
- कक्षा 1 से 5 में चयनित, लेकिन उसी स्तर की JTET में असफल और 6 से 8 में सफल
- कक्षा 6 से 8 में चयनित, लेकिन उसी स्तर की JTET में असफल और 1 से 5 में सफल
- कक्षा 1 से 5 में चयनित और दोनों स्तरों में सफल
- कक्षा 6 से 8 में चयनित और दोनों स्तरों में सफल
इसी आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
2500 शिक्षकों का मामला फंसा
राज्य में करीब 2500 पारा शिक्षक ऐसे हैं, जो जिस स्तर पर नियुक्त हुए हैं, उसी स्तर की JTET परीक्षा में सफल नहीं हैं। इसी वजह से उन्हें JTET योग्य शिक्षकों के बराबर मानदेय नहीं मिल पा रहा है, जिससे लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।
वित्तीय मंजूरी के बाद होगा फैसला
सरकार ने इस मामले में पहले कानूनी राय ली है और अब वित्तीय प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। यदि इन शिक्षकों को लाभ दिया जाता है तो राज्य पर अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। प्रस्ताव को जल्द ही वित्त विभाग के पास भेजा जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।









