खुशखबरी: संविदाकर्मियों का होगा समायोजन… विभागीय मंत्री ने दी स्वीकृति….प्रशासी पदवर्ग समिति करेगी पद सृजन

रांची । जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के लगभग 500 कर्मियों का समायोजन जिला परिषद में किया जाएगा। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने इसकी पुष्टि की है। कहा है कि समायोजन के पहले डीआरडीए के कर्मियों के पदों का सृजन किया जाएगा। प्रोग्राम ऑफिसर सहित कई ऐसे पद है जिसके लिए प्रशासी पदवर्ग समिति के समक्ष प्रस्ताव लाकर पद को सृजित किया जाएगा। इसके बाद ही सारे कर्मियों का समायोजन जिला परिषदों में किया जाएगा। पंचायती राज विभाग इस दिशा में कार्य कर रही है। सारी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी।
केंद्र ने बंद कर दिया है डीआरडीए
केंद्र सरकार ने झारखंड सहित अन्य राज्यों को निर्देश देते हुए 1 अप्रैल 2022 की तिथि से ही सभी जिला विकास अभिकरण को बंद करने का फैसला सुनाया था। वहां कार्यरत सारे कर्मचारियों को जिला परिषद में समायोजित करने को कहा था। इन कर्मियों का वेतन भी देना बंद कर दिया था। ऐसे में राज्य सरकार के समक्ष यह संकट आ गया है कि कैसे इन कर्मियों को समायोजित किया जाए। उस वक्त यह सहमति बनी थी ‘ डीआरडीए के माध्यम से ही ग्रामीण विकास विभाग की सारी योजनाएं क्रियान्वित होती है’ ऐसे में इसे बनाए रखा जाएगा। लेकिन अब इस निर्णय में बदलाव आया है और डीआरडीए को राज्य सरकार खुद से ना चला कर इसे बंद करेगी और सभी 24 जिले के डीआरडीए कर्मियों को समायोजित किया जाएगा। हालांकि, निदेशक इत्यादि को छोड़कर सारे कर्मी संविदा पर ही हैं ऐसे में कुछ पद सृजित किया जाएगा। इसके विरुद्ध नियुक्तियां नए सिरे से की जाएगी। जिनमें उन्हें प्राथमिकता मिलेगी।
6 माह से वेतन नहीं
डीआरडीए कर्मियों को केंद्र सरकार की ओर से पैसे नहीं मिलने के बाद उनका वेतन भुगतान भी अटका हुआ है। करीब 6 सात माह का उनका वेतन बकाया है। वेतन समय पर नहीं मिलने से इन कर्मियों की स्थिति खराब है। बार-बार सरकार से वे वेतन निर्गत करने का अनुरोध कर रहे हैं। आज सभी कर्मी विरोध में सामूहिक अवकाश पर भी हैं।









