Good News! एक्सप्रेसवे पर अब देंगे कम टोल टैक्स..हाईवे से भी सस्ता सफर! नया नियम 15 फरवरी से लागू…
अधूरे एक्सप्रेसवे पर जितना चला उतना ही भुगतान — सरकार का बड़ा कदम!

सरकार ने सड़क यात्रा को सस्ता और स्मार्ट बनाने के लिए टोल टैक्स के नियम में बड़ा बदलाव किया है। 15 फरवरी, 2026 से लागू होने वाले नए नियम से उन एक्सप्रेसवे सेक्शनों पर टोल कम देना होगा जो अभी तक पूरी तरह से operational नहीं हैं।
यह कदम खासकर उन यात्रियों के लिए अच्छी खबर है जो अक्सर
दिल्ली–मेरठ एक्सप्रेसवे
लखनऊ–आगरा एक्सप्रेसवे
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
जैसे मार्गों से सफर करते हैं।
नया नियम क्या कहता है?
🔹 अब अधूरे एक्सप्रेसवे पर पूरा टोल नहीं देना होगा
पहले एक्सप्रेसवे पर टोल पूरा वसूला जाता था चाहे सड़क पूरा खुला हो या नहीं। इसका मतलब था कि जब तक एक्सप्रेसवे end-to-end खुलता नहीं था, तब भी हाई टोल देना पड़ता था।
🔹 अब केवल operational हिस्से का टोल लगेगा
सरकार ने नियम में बदलाव कर कहा है कि टोल अब सिर्फ उस हिस्से के लिए लिया जाएगा जो खुला और usable है, और वह भी नेशनल हाईवे स्तर के कम रेट पर, न कि पुराने महंगे एक्सप्रेसवे रेट पर।
🔹 कम टोल का असर लगभग 25% तक
पहले एक्सप्रेसवे का टोल सामान्य हाईवे से लगभग 25% ज्यादा होता था। नए नियम में अगर पूरा एक्सप्रेसवे खुला नहीं है, तो आपको सामान्य हाईवे जैसा टोल देना होगा — जिससे आपको तुरंत बचत मिलेगी।
नया नियम कब से लागू होगा?
15 फरवरी 2026 से यह बदलाव लागू हो जाएगा।
यह छूट तब तक लागू रहेगी जब तक:
✅ एक्सप्रेसवे पूरी तरह operational नहीं हो जाता
या
✅ एक साल पूरा नहीं हो जाता
— जो भी पहले हो।
ट्रकों और लॉजिस्टिक वाहनों को भी राहत
सरकार ने इस बदलाव से कमर्शियल वाहनों को भी राहत दी है। ट्रकों और लॉजिस्टिक वाहनों के टोल में 10–15% की कटौती की गई है ताकि डिलीवरी और सामान ढुलाई सस्ती हो सके।
क्यों बड़ा फैसला?
👉 इससे लोग adhure expressway stretches ज्यादा इस्तेमाल करेंगे।
👉 नेशनल हाईवे ट्रैफिक कम होगा।
👉 यातायात तेज़ और कम महंगा होगा।
👉 भारी वाहनों का ईंधन और समय बचाएगा।
— सरकार का कहना है कि नया बदलाव यात्रा को आसान और किफायती बनाएगा।









