आ गई उड़ने वाली छतरी! अब बारिश में हाथ खाली…सिर के ऊपर खुद मंडराएगा ड्रोन-अंब्रेला…
तेज बारिश में भी नहीं डगमगाएगी—कैमरा और माइक्रो-कंप्यूटर से चलता है पूरा सिस्टम

नई दिल्ली। बारिश का मौसम आते ही छाता पकड़कर चलना, हवा में उसके उलटने का डर और एक हाथ हमेशा व्यस्त रहने की परेशानी—ये सब अब बीते दिनों की बात हो सकती है। क्योंकि हांगकांग के इंजीनियर John Tze ने बना डाली है एक ऐसी ‘उड़ने वाली छतरी’, जो बिना हाथ लगाए अपने मालिक के सिर के ऊपर खुद-ब-खुद मंडराती रहती है।
कैसे काम करती है यह हाईटेक छतरी?
यह अनोखी छतरी ड्रोन तकनीक पर आधारित है। इसमें टाइम-ऑफ-फ्लाइट (ToF) डेप्थ कैमरा लगा है, जो व्यक्ति की दूरी और लोकेशन को लगातार मापता है। इसके साथ एक रास्पबेरी पाई माइक्रो-कंप्यूटर डेटा को प्रोसेस करता है और फ्लाइट कंट्रोलर को निर्देश भेजता है।
नतीजा? छतरी यूजर के सिर के ठीक ऊपर केंद्रित रहती है और उसके आगे-पीछे, दाएं-बाएं मूवमेंट के साथ तालमेल बिठाती है। यानी आप चलें… और छतरी अपने-आप साथ चले।
दो हफ्तों का प्रोजेक्ट… जो बन गया सालों की मेहनत
जॉन त्से ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत महज दो हफ्तों के प्रयोग के तौर पर की थी। लेकिन तकनीकी चुनौतियों ने इसे लंबा सफर बना दिया। शुरुआती मॉडल रिमोट कंट्रोल से संचालित होता था, मगर अब यह पूरी तरह ऑटोनॉमस यानी खुद निर्णय लेने में सक्षम है।
यह छतरी एक कस्टम ड्रोन फ्रेम पर टिकी है, जिसमें फोल्डिंग आर्म्स लगे हैं। ऊपर से देखने पर यह सामान्य छतरी जैसी दिखती है, ताकि नीचे की जटिल तकनीक नजर न आए। उपयोग में न होने पर इसका आकार लगभग ट्राइपॉड जितना छोटा हो जाता है।
तेज बारिश में भी पास हुई परीक्षा
अंतिम परीक्षण के दौरान यह उड़ने वाली छतरी तेज बारिश में भी स्थिर और प्रभावी तरीके से काम करती दिखाई दी।









