चित्रकोट: SP शगुन गौतम की मुश्किलें बढ़ गयी है। फर्जी इनकाउंटर मामले में IPS शगुन गौतम और STF के पुलिसकर्मियों सहित 15 के खिलाफ FIR दर्ज की गयी है। इनामी डाकू के इनकाउंटर मामले में 15 लोगो के खिलाफ गंभीर धाराओं में बहिलपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है। चित्रकूट जनपद में 31 मार्च 2021 को इनामी डकैत गौरी यादव गिरोह के सदस्य भालचंद्र यादव को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया गया था। इस मामले में उसकी पत्नी ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगा कोर्ट की शरण ली थी।

डीआईजी की जांच में रामपुर के पूर्व एसपी शगुन गौतम समेत 11 पुलिसकर्मियों के शराब व्यापारी के फर्जी एनकाउंटर का खुलासा हुआ। वसूली के खेल में इनकाउंटर की बातें भी सामने आयी थी। डीआईजी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाये गये पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रामपुर की मिलक थाना क्षेत्र में 6 अप्रैल 2021 को पुलिस ने दावा किया था कि एक टैंकर में 32 लाख रुपये के कीमत की शराब तस्करी कर लाई जा रही थी। तस्करों को पकड़ने के दौरान मुठभेड़ में 3 लोग घायल हुए थे जिसमें रामपुर का व्यापारी संजीव गुप्ता भी था, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। संजीव गुप्ता कई महीने बाद जेल से छूटे तो उन्होंने पुलिस के इस एनकाउंटर पर शिकायत करनी शुरू कर दी। अफसरों को सीसीटीवी से लेकर कॉल रिकॉर्डिंग तक सुनाई। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आया तो जांच डीआईजी मुरादाबाद से शलभ माथुर को सौंप दी गई।

डीआईजी शलभ माथुर ने जांच शुरू की तो सबसे पहले व्यापारी संजीव गुप्ता को बयान के लिए बुलाया गया। संजीव गुप्ता ने 4 अप्रैल 2021 की रात 11:30 अपने घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग डीआईजी को सौंपी। जिसमें एसओजी की टीम संजीव गुप्ता को घर से ले जाते हुए दिखाई दे रही है, इसके बाद संजीव गुप्ता ने एसपी रामपुर शगुन गौतम से हुई अपनी बेटी की बातचीत की रिकॉर्डिंग दी, जिसमें उनकी बेटी एसपी के पर्सनल नंबर पर कॉल कर बता रही है कि पुलिस उसके पिता को आधी रात में बिना कुछ बताए उठा ले गई है।

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