वीडियो कॉल पर कानून का डर… और 15 करोड़ साफ! डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसा कारोबारी

 घर में कैद कर दिया, बाहर नहीं… मोबाइल के उस पार बैठे ठग लूटते रहे खजाना!

कर्नाटक। Belagavi जिले से एक ऐसा चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसने हर किसी को दहला दिया है। ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफ दिखाकर एक बुजुर्ग व्यवसायी से करीब 15 करोड़ रुपये ठग लिए। इस सनसनीखेज वारदात के सामने आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

 वीडियो कॉल पर बना ‘जांच एजेंसी’ का जाल… और शुरू हुआ डर का खेल

जानकारी के मुताबिक, जालसाजों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को जांच एजेंसियों का वरिष्ठ अधिकारी बताया। उन्होंने पीड़ित को डराया कि उनका बैंक अकाउंट किसी गंभीर अपराध से जुड़ा हुआ है।

इसके बाद ‘डिजिटल अरेस्ट’ का हवाला देकर उन्हें घर से बाहर न निकलने और किसी से संपर्क न करने की सख्त चेतावनी दी गई। लगातार मानसिक दबाव और डर के माहौल में फंसे बुजुर्ग कारोबारी ने ठगों के कहने पर कई किस्तों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए

 “जांच खत्म होगी तो पैसा लौटेगा”… और फिर सब गायब!

ठगों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होते ही पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। लेकिन जैसे ही पूरा पैसा ट्रांसफर हुआ, सभी कॉल और संपर्क अचानक बंद हो गए। तभी पीड़ित को एहसास हुआ कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।

 पुलिस की त्वरित कार्रवाई, लाखों रुपये रिकवर

शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से एक्शन लिया और संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया। अब तक करीब 90 लाख रुपये रिकवर किए जा चुके हैं। बाकी रकम की तलाश और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल टीम गठित कर दी गई है।

 तेजी से बढ़ रहा ‘डिजिटल अरेस्ट’ का जाल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं, जिसमें खासतौर पर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाया जा रहा है

 ऐसे बचें इस खतरनाक ठगी से

  • किसी भी अनजान कॉल पर खुद को पुलिस/CBI/बैंक बताने वालों पर भरोसा न करें

  • OTP, बैंक डिटेल या पैसे ट्रांसफर करने के दबाव में बिल्कुल न आएं

  • याद रखें: ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती

  • किसी भी संदिग्ध कॉल की तुरंत शिकायत 1930 (Cyber Helpline) पर करें

 जांच जारी… जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा!

पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।

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