658 करोड़ का फर्जी ITC घोटाला! बिना सामान खरीदे बना डाले अरबों के बिल, ED की देशभर में ताबड़तोड़ रेड

Fake ITC Scam: शेल कंपनियों के जाल से हिल गया सिस्टम, झारखंड से मणिपुर तक ED की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली/ईटानगर। देश के टैक्स सिस्टम को खोखला करने वाले एक भारी भरकम फर्जी ITC घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब 658 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में झारखंड, मणिपुर, कोलकाता समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है।



इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई से टैक्स फ्रॉड करने वालों में हड़कंप मच गया है।

बिना सामान, बिना सर्विस… सिर्फ कागजों पर कारोबार

ED की शुरुआती जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
👉 कुछ फर्मों ने बिना किसी असली खरीद-फरोख्त के
👉 केवल फर्जी बिलों के सहारे ITC का गलत फायदा उठाया

इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकार के खजाने को सैकड़ों करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।

ईटानगर से खुली घोटाले की परतें

यह पूरा मामला अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR से जुड़ा है।
शिकायत में राकेश शर्माआशुतोष कुमार झा समेत अन्य अज्ञात लोगों पर—

  • धोखाधड़ी

  • जाली दस्तावेज

  • आपराधिक साजिश

के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

58 शेल कंपनियां, 658 करोड़ के फर्जी बिल

जांच में सामने आया है कि—

  • M/s सिद्धि विनायक ट्रेड मर्चेंट्स नाम की एक फर्जी कंपनी बनाई गई

  • इसके जरिए 658.55 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए गए

  • जिनके आधार पर 99.31 करोड़ रुपये का गलत ITC क्लेम किया गया

इस पूरे नेटवर्क में 58 शेल कंपनियां शामिल थीं, जो अलग-अलग राज्यों में फैली हुई थीं।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की भी जांच

ED अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि—

  • फर्जी ITC को कई लेयर में कैसे घुमाया गया

  • कितना पैसा मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इधर-उधर किया गया

  • इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन बड़े चेहरे हैं

सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में और भी जगहों पर रेड हो सकती है।

क्यों खतरनाक है फर्जी ITC घोटाला?

फर्जी ITC सिर्फ टैक्स चोरी नहीं, बल्कि—

  • देश की अर्थव्यवस्था पर सीधा हमला

  • काले धन को सफेद करने का रास्ता

  • ईमानदार व्यापारियों के लिए नुकसान

इसीलिए ED ऐसे मामलों में अब जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है।

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