रांची। झारखंड में एक फर्जी IAS ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ही गच्चा दे दिया। खुद को IAS बताकर ना सिर्फ वो मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित हो गया, बल्कि CM के साथ डिनर भी कर लिया। अब फर्जीवाड़ा का खुलासा होने के बाद सीएम सचिवालय से लेकर खुफिया अधिकारी और पुलिस टीम के होश उड़े हुए हैं। इस युवक ने झारखंड सरकार की ओर से आयोजित यूपीएससी के सफल अभ्यर्थियों के अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाथों से भी सम्मान हासिल किया और उनके साथ रात्रि भोज में भी शामिल हुआ। पलामू के इस फर्जी IAS ने खुद को UPSC में सफल और 357 रैंक होल्डर बताया था।

सबसे बड़ी चूक सरकार की तरफ से भी हुई है कि बिना वेरीफिकेशन के आखिर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ भोज में शामिल होने और सम्मानित होने के लिए कैसे किसी को इस तरह से भेज दिया गया। इस गलती का अहसास होते ही सरकार की तरफ से कुमार सौरभ के खिलाफ रांची के धुर्वा थाने में केस दर्ज किया गया है। दरअसल यूपीएससी में 357वीं रैंक उत्तर प्रदेश के सौरभ कुमार को मिला था, लेकिन सौरभ पांडे ने उसे खुद की रैंकिंग बता दी। इसके बाद उसे मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया। शुक्रवार को पलामू के उपायुक्त आंजनेयुल दोड्ढे के निर्देश पर पांडु बीडीओ राहुल उरांव ने पांडु थाने में केस दर्ज कराया है। उधर, रांची के धुर्वा थाने में भी राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के एमआईएस पदाधिकारी कुमार चंदन ने एफआईआर दर्ज कराई है।

दरअसल मुख्यमंत्री ने सिविल सेवा परीक्षा 2021 में झारखंड के सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित करने के लिए अभिनंदन समारोह का आयोजन किया था। इसके लिए विभाग की ओर से सभी जिलों के उपायुक्तों को अपने-अपने क्षेत्र के सफल अभ्यर्थियों की सूचना उपलब्ध कराने को कहा था। पलामू से सफल व्यक्ति के रूप में कुमार सौरभ पुत्र स्व. दिलीप पांडे निवासी ग्राम पांडू के बारे में सूचना दी गई थी। बिना वैरिफिकेशन के मुख्यमंत्री के अभिनंदन समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेज दिया गया। 26 जुलाई को सौरभ पांडे सम्मान समारोह में अपने परिवार के साथ शामिल हुआ और मुख्यमंत्री से सम्मान भी लिया। इस मामले में पांडू के प्रखंड विकास पदाधिकारी राहुल उरांव ने आईपीसी की धारा 420, 419, 468, 406, 476, 471, 193, 199 समेत कई संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है।

सौरभ पांडे खुद को IAS बताकर कई जगह हो चुका था सम्मानित

पिछले दो माह से सौरभ पांडे इस तरह से खुद को IAS बताकर फर्जीवाड़ा कर रहा था। सौरभ पांडे ने फिर यूपीएससी की परीक्षा पास करने की बात कही और 357वीं रैंक बताया। सौरभ ने अपना एडमिट कार्ड भेजा, इसमें एडमिट कार्ड के कई तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई। एडमिट कार्ड के रोल नंबर 7912001 के अनुसार उसके व्यक्तित्व परीक्षण की तारीख 8 अप्रैल 2022 बताई गई, लेकिन यूपीएससी की ओर से 22 मार्च 2022 को जारी 40 पेज के सूचना पत्र में एसएल-1093, अनुक्रमांक-7912001 के व्यक्तित्व परीक्षण की तिथि 6 मई 2022 निर्धारित थी। सौरभ पांडेय ने जिस कुमार सौरभ की रैंक (357वां) का इस्तेमाल किया, उसकी छानबीन करने पर पता चला कि कुमार सौरभ एससी कैटेगरी से आते हैं।

असली IAS ने नकली आईएएस की खोली पोल

357वीं रैंक लाने वाले यूपी के कुमार सौरभ को जब इस संबंध में जानकारी हुई तो उन्होंने सौरभ पांडे को एक्सपोज किया। कुमार सौरभ को दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी करने वाले स्टूडेंट के एक वॉट्सएप ग्रुप से जानकारी हुई, इसमें पता चला कि कोई उनके नाम से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ फोटो खिंचवा चुका है। इसके बाद कुमार सौरभ ने पलामू के सौरभ की असलियत को एक्सपोज किया।

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