रांची राज्य भर के पुलिसकर्मियों को कार्मिक विभाग ने राहत भरी खबर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति के बाद कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर राज्य के पुलिस कर्मियों को बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने से छूट दी है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस अधिसूचना के तहत क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को आधार बायोमेट्रिक उपस्थिति 2015 के प्रावधानों से छूट दी गई है। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह की अध्यक्षता में अप्रैल में हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया था।

मालूम हो झारखंड में आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति नियावाली 2015 लागू है। इसके अनुसार आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के अंतर्गत उभयकाल दैनिक उपस्थिति दर्ज करने का दायित्व सभी सरकारी कर्मियों, अन्य कार्यरत कर्मियों पर समान रूप से लागू है। इसमें यह शर्त है कि ऐसे कर्मी न्यूनतम 3 माह की अवधि के लिए नियोजित किए गए हो। संविदा कर्मी,दैनिक वेतन भोगी कर्मी भी इस उपस्थिति में शामिल होंगे।

यदि नियोजन की अवधि 3 माह की अवधि से कम होगी तो संबंधित कार्यालय को नियम पूर्व की व्यवस्था अनुसार उपस्थिति का अभिलेखन सुरक्षित करना है।इसी नियमावली के तहत ऐसे कर्मी जो सरकारी कार्यवश भ्रमणशील रहते हैं, तथा कार्यस्थल पर उपस्थिति दर्ज करना इनके लिए संभव नहीं होता है। तो अभी वे अपने नियंत्री पदाधिकारी से पूर्वानुमति लेकर अपने भ्रमणशील क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं। वही ऐसी जगह बायोमेट्रिक हाजिरी संभव नहीं है तो फिर नियंत्री पदाधिकारी की अनुमति से कार्य किया जाता है। पूरे मामले पर कई पुलिसकर्मियों ने अपनी परेशानी सरकार को बताई थी। इसके बाद सम्यक विचारोंपरांत क्षेत्रीय पुलिस कर्मियों को बायोमेट्रिक हाजिरी से छूट दे दी गई।

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