नशे के खेल में लड़कियों की एंट्री, पुलिस की बढ़ीं चुनौतियां

रांची. नशे के अवैध और काले कारोबार में महिलाओं की एंट्री ने नशे के काले कारोबार को और भी मजबूती दी है. खास तौर से बात की जाए तो युवा वर्ग युवतियां और महिलाएं आसानी से नशे के कारोबार के दलदल में फंसती जा रही हैं. महिलाओं पर किसी को जल्दी शक नहीं होता और पुलिस की आँखों मे धूल झोंकने मे भी आसानी होती है, महिलाएं आसानी से छुपा कर गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर और नशीली टेबलेट को अपने ग्राहकों तक पहुचाती हैं.

जानकारों की माने तो ड्रग्स बेचने वाली महिलाओं का एक स्थान निश्चित होता है, जहां वे पहले से खड़ी रहती हैं. खरीदार उन तक पहुंचकर आसानी से ड्रग्स खरीदकर अपने साथ ले जाते हैं. पुलिस महिलाओं पर शक नहीं करती और उनकी चेकिंग भी बगैर महिला पुलिस के नहीं कर पाती. इस कारण उन्हें पकड़ना आसान नहीं होता. इसी का फायदा नशे के तस्कर उठाते हैं और पैसे की लालच देकर उन्हें अपने झांसे में लेते हैं.

हाल के महीनों की बात की जाए तो राजधानी रांची की पुलिस ने महिला ड्रग्स तस्कर कर रिजवाना ताज, शांति देवी, सहित आधा दर्जन महिला ड्रग पेडलर को जेल भेजा है. बता दें कि 250 रुपये से ब्राउन शुगर की पुड़िया की बिक्री शुरू होती है जो काफी महंगे दामों तक बेची जाती है.

मामले में रांची के सीनियर एसपी किशोर कौशल के ने माना कि महिलाओं की एंट्री से नशे का ये कला कारोबार पुलिस की चुनौतियां और बाधा हैं. लेकिन, पुलिस लगातार इसके विरुद्ध कार्रवाई कर रही है. महिला हो या पुरुष, नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है, ताकि रांची मे नशे के काले कारोबार के नेक्सस के तिलिस्म को तोड़ा जा सके.

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