इनकाउंटर स्पेशलिस्ट पीके सिंह : ….वो जांबाज पुलिस अफसर, जिसने एक गोली में ही कर दिया डकैत का काम तमाम……. डकैतों के सामने उनकी दिलेरी दिल जीत लेगी…जानिये उनके बारे में

धनबाद। बैंकमोड़ में डाका डालने पहुंचे डकैतों का फिल्मी स्टाइल में एनकाउंटर हो गया। पिस्टल से निकली गोली सीधे लूटेरे के सर पर लगी और फिर सेकंड भर में उसका खेल खत्म हो गया। जितनी तेजी से गोली छूटी, उतनी ही तेजी से दो लूटेरे पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गये। बैंकमोड़ की सड़क पर पुलिस की जाबांजी देख लग ही नहीं रहा था कि कोई पुलिस रियल लाइफ में इतनी चौकन्नी और इतनी फुर्तीली होने के साथ-साथ सटीक निशानेबाज भी हो सकती है। करीब 30 मिनट के क्लाइमेक्स के दौरान बैंक मोड़ की सड़क पर गोलियों की तड़तड़ाहट जब थमी तो एक डकैत ढेर हो चुका था, दो लूटेरे पुलिस की गिरफ्त में आ चुके थे।
इस पूरी कामयाबी में नायक बनकर सामने आये बैंकमोड़ के थाना प्रभारी डाक्टर प्रमोद कुमार सिंह।
थाना प्रभारी को जैसे ही इस बात की सूचना मिली की, मुथुट फाइनेंस में कुछ लूटेरे घुस आये हैं, जिस ड्रेस में थाना प्रभारी थे, उसी ड्रेस में पिस्टल थामें निकल पड़े, साथ में थे मुंशी गौतम, बॉडीगार्ड उत्तम एवं सिपाही प्रेम प्रकाश। चारों के साथ पैदल ही थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे।
अभी वो मुथूट फाइनेंस के कार्यालय के पास पहुंचे ही थे कि पहले तल से मोर्चा संभाले दो अपराधियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। थानेदार प्रमोद सिंह ने खुद को बचाते हुए तुरंत जवाबी फायरिंग की। गोली सीधे अपराधी के सिर पर लगी और वह वहीं ढेर हो गया। इसके बाद उसके जो साथी थे, वह भागने लगे। दौड़कर थानेदार एवं उनके सहयोगी प्रथम तल पर पहुंचे। इस बीच दो डकैतों को काबू करने के लिए उन्हें बल प्रयोग करना पड़ा। इधर, मौके का फायदा उठाकर दो डकैत भाग खड़े हुए।
कौन हैं प्रमोद सिंह, जिसने कर दिया डकैत को ढेर
प्रमोद कुमार सिंह की दिलेरी पुलिस विभाग में चर्चित रही है। जहां भी वो रहे अपनी जाबांजी का लोहा मनवाया है, फिर चाहे बात नक्सल इलाके की हो या फिर जनरल पुलिसिंग की। 2004 में प्रमोद सिंह की अगुवाई वाली बटालियन ने 24 नक्सलियों को ढेर किया था, वहीं 2006 में उन्होंने इसी तरह से एक बदमाश को ढेर किया था। जमशेदपुर में भी उन्हें साल 2011 में चार लोगों को मार गिराया था। 2018 में कमांडर रैंक के एक नक्सली को उन्होंने मार गिराया था। प्रमोद कुमार सिंह की जांबाजी की वजह से उन्हें राष्ट्रपति पदक के साथ-साथ मुख्यमंत्री पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।









