झारखंड में उद्योग के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली 2.08 रुपये तक होगी महंगी

झारखंड में उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली बिजली भी महंगी होगी.कर्मशियल यूज के लिए बिजली की दरों में 2.08 रुपये तक की वृद्धि हो सकती है. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने झारखंड राज्य विद्युत नियामक बोर्ड को बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है.

यह वृद्धि 2025-26 के लिए की जाएगी.

इस बीच दामोदर घाटी निगम यानी डीवीसी ने भी बिजली की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव दिया है. डीवीसी ने आयोग को प्रस्ताव दिया है कि प्रति यूनिट बिजली में 2.08 रुपये तो वहीं फिक्स चार्ज में 50 रुपये प्रतिमाह बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव दिया है.

अब आयोग ने उपभोक्तां से आपत्ति और सुझाव मांगा है.

आयोग ने डीवीसी से कहा है कि जो भी सुझाव या आपत्तियां आएंगी, कंपनी को 7 दिन में इसका जवाब देना होगा. इसकी एक कॉपी नियामक आयोग को भेजना होगा.

3 मार्च तक आपत्ति और सुझाव पर मांगा जवाब

गौरतलब है कि 24 फरवरी तक सुझाव और आपत्ति भेजने और 3 मार्च तक इसका जवाब दाखिल करने की समय सीमा निर्धारित की गयी है. बिजली की दरों में वृद्धि होगी या नहीं, इसका फैसला नियामक आयोग जन सुनवाई के बाद करेगा.

वर्तमान में बिजली की दरें क्या हैं, कितना बढ़ेगा

गौरतलब है कि उद्योग में 11 केवी बिजली के लिए मौजूदा दर 4.05 रुपये है तो वहीं 400 रुपये फिक्सड चार्ज है.

प्रस्ताव के मुताबिक यह भविष्य में 6.13 रुपये प्रति यूनिट तो वहीं फिक्स्ड चार्ज में 450 रुपये हो जायेगा. वहीं 33 केवी में मौजूदा दर जहां 4.05 रुपये प्रति यूनिट है तो वृद्धि होने पर कीमत 6.13 रुपये प्रति यूनिट और फिक्स्ड चार्ज में 450 रुपये हो जायेगा.

डीवीसी के झारखंड में कहां-कहां पावर प्लांट हैं
गौरतलब है कि झारखंड में डीवीसी के बोकारो, चंद्रपुरा, कोडरमा, पंचेत और तिलैया में पावर प्लांट है. बोकारो थर्मल पावर स्टेशन की क्षमता 500 मेगावाट है.

चंद्रपुरा की क्षमता भी 500 मेगावाट है. कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन की क्षमता 1000 मेगावाट तो वहीं पंचेत हाइडल स्टेशन की क्षमता 80 मेगावाट है. तिलैया हाइडल स्टेशन की क्षमता 4 मेगावाट है.

डीवीसी झारखंड में 900 मेगावाट तक बिजली आपूर्ति करता है. डीवीसी हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, रामगढ़, धनबाद, बोकारो और गिरिडीह में बिजली सप्लाई करता है.

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