गिरिडीह । बेंच डेस्क की खरीदारी में शिक्षा विभाग के अधिकारी घिरते नजर आ रहे हैं। जिस तरह से गुणवत्ता के सभी मानकों का उल्लंघन किया गया है उससे साफ जाहिर है की बेंच डेस्क खरीदारी में गड़बड़ी हुई है। इस मामले में आपूर्तिकर्ता का पैरोकार करते हुए प्रबंधन समिति पर जबरन बेंच डेस्क खरीदने का दबाव बनाने का आरोप भी जिला शिक्षा अधीक्षक पर लगा है।

क्या कहते हैं DSE

उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलाटांड में बेंच डेस्क खरीद मामले में डीएसई का कहना है कि बेंच क्वालिटी को लेकर एक शिकायत आयी थी. ऐसे में शिकायतकर्ता और विद्यालय के प्रधानाध्यापक के सामने बेंच को जांच किए गए थे. सभी के सामने जांचने पर बेंच सही निकला. अभी सहायक अभियंता और कनीय अभियंता को आदेश दिया गया है कि उक्त विद्यालय में आपूर्ति की गई बेंच और डेस्क की गुणवत्ता जांचें. यदि खराब है तो प्रबंधन समिति आपूर्तिकर्ता को वापस कर सकती है.

DSE ने दी सफाई

आपूर्तिकर्ता का पक्ष लेकर बेंच डेस्क के खरीद का दबाव बनाने के मुद्दे पर जिला शिक्षा अधीक्षक विनय कुमार ने कहा कि मेरे द्वारा किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया गया. ये खरीदारी के लिए मार्च महीने में आबंटन आया था सितंबर होने जा रहा हैं मेरा उद्देश्य था कि बेंच डेस्क पर बच्चे बैठकर पठन-पाठन करें. हमलोग यह चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी बेंच-डेस्क सभी विद्यालय में खरीद हो जाए. बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति को यह अधिकार हैं कि वे अपने विवेक से गुणवत्तापूर्ण खरीदारी करें. जहां भी खरीदी में गड़बड़ी हुई हैं उसकी जांच होगी.

डीएसई ने प्रबंधन समिति पर लगाया आरोप

डीएसई विनय कुमार ने कहा कि यदि जेई और एई द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किए बगैर खरीदारी हुई है तो इसके लिए विद्यालय प्रबंधन समिति जिम्मेदार हैं. सभी को चिन्हित कर उचित कार्यवाई की जाएगी. कहा कि मेरे द्वारा किसी भी विद्यालय प्रबंधन समिति को यह दबाव नहीं दिया गया हैं कि बेंच डेस्क किसी खास जगह से खरीदने के लिए दबाब नहीं बनाया गया।

हर खबर आप तक सबसे सच्ची और सबसे पक्की पहुंचे। ब्रेकिंग खबरें, फिर चाहे वो राजनीति...