झारखंड के शराबी चुहे: चूहों ने गटक ली 802 बोतल शराब, उड़ गये अफसरों को होश, कभी गांजा गटकना, कभी पीना शराब…चूहों को किसने बनाया शराबी

Drunken rats of Jharkhand: Rats gulped down 802 bottles of alcohol, officers were stunned, sometimes swallowing ganja, sometimes drinking alcohol... who made the rats drunk

धनबाद। चूहों की नशेड़ी हरकतें इन दिनों मज़ाक और हैरानी का विषय बनी हुई हैं। कभी शराब की बोतलें खाली कर देना तो कभी गांजा-भांग गटक जाना – अब इन चूहों पर गंभीर आरोप लगने लगे हैं। हाल ही में जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से अदालत में दिए गए जवाब ने सबको चौंका दिया।

 

दरअसल, धनबाद जिले के बलियापुर और प्रधानखंता क्षेत्र की शराब दुकानों में जब स्टॉक का मिलान किया गया, तो 802 बोतल शराब कम पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि इन बोतलों के ढक्कन कुतरे हुए थे और शराब पूरी तरह नदारद थी। दुकानदारों ने सफाई में जो कहा, उसने सबको चौंका दिया – “शराब चूहे पी गए!”

 

इससे पहले भी राजगंज थाना क्षेत्र के मालखाने से 9 किलो गांजा और 10 किलो भांग गायब हो चुकी है। जब अदालत ने माल को पेश करने का आदेश दिया, तो अनुसंधानकर्ता जयप्रकाश प्रसाद ने बताया कि अब वह सामग्री मौजूद नहीं है। इस पर लोक अभियोजक अवधेश कुमार ने अदालत को बताया कि गांजा-भांग को चूहों ने नष्ट कर दिया है। इस संबंध में थाने में सनहा भी दर्ज किया गया है।

 

यह मामला वर्ष 2018 से जुड़ा है, जब पुलिस ने शंभू प्रसाद अग्रवाल और उनके बेटे को 10 किलो भांग और 9 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। केस अदालत में चल रहा है, लेकिन जब्त सामान अब मौजूद नहीं है – वजह? “नशेड़ी चूहे”।

 

धनबाद पुलिस की यह दलील अब मीडिया से लेकर सोशल मीडिया तक मज़ाक और बहस का विषय बन गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर मालखानों और दुकानों की सुरक्षा इतनी लचर क्यों है कि चूहे तक नशीले पदार्थों पर हाथ साफ कर जा रहे हैं?

 

फिलहाल, अदालत ने मामले की जांच और सफाई मांगी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि “नशेड़ी चूहों” की यह कहानी आने वाले समय में अदालत में कितनी मान्य मानी जाती है।अब जनता पूछ रही है – ये चूहे हैं या नशेबाज गिरोह के सदस्य?

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