खूंखार नक्सली अनल दा ढेर: 1 करोड़ के नक्सली अनल दा सहित 10 नक्सली ढेर, सारडा के जंगल में पुलिस-नक्सलियों में जबरदस्त मुठभेड़, अभी भी सर्चिंग जारी
Dreaded Naxalite Anal Da killed: 10 Naxalites, including Naxalite Anal Da, worth 1 crore, killed; fierce encounter between police and Naxalites in the forest of Sarada, search still on.

Jharkhand Big Naxal Encounter: झारखंड के चाईबासा स्थित सारंडा जंगल में नक्सलियों के साथ बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। इस मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली और माओवादी सेंट्रल कमेटी सदस्य अनल दा सहित 9 से 10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक आज सुबह से सारंडा के घने जंगलों में पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के जवानों का माओवादियों के साथ जबरदस्त एनकाउंटर अभी तक जारी है।
Deeply saddened at the loss of lives of 10 of our brave Indian Army soldiers in an unfortunate road accident in Doda. We will always remember the outstanding service and supreme sacrifice of our brave soldiers. My deepest condolences to the grieving families.
— Office of LG J&K (@OfficeOfLGJandK) January 22, 2026
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली अनल दा सहित 9 से 10 माओवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है। सारंडा जंगल को झारखंड में नक्सलियों का आखिरी मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। लंबे समय से यह इलाका माओवादियों की शरणस्थली बना हुआ था, जहां से वे सुरक्षा बलों और विकास कार्यों को निशाना बनाते रहे हैं।
ऐसे में इस ऑपरेशन को झारखंड को नक्सल मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। कोल्हान डिवीजन के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुवार सुबह से ऑपरेशन जारी है और फिलहाल विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी (ऑपरेशंस) माइकलराज एस. के अनुसार, छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। सुरक्षा बल जब इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में सुरक्षा बलों ने भी सटीक और प्रभावी कार्रवाई की, जिसमें माओवादियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
जानिये कौन है अनल दा
इस मुठभेड़ में मारे गए सबसे बड़े नाम के रूप में अनल दा का जिक्र किया जा रहा है। अनल दा माओवादियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और उस पर झारखंड सहित कई राज्यों में एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। बताया जा रहा है कि अनल दा को सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट के जवानों ने मार गिराया। अनल दा झारखंड के गिरिडीह जिले का रहने वाला था और माओवादी संगठन में उसे पातीराम मांझी, पातीराम मरांडी और रमेश जैसे नामों से भी जाना जाता था।
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने कई नक्सलियों के शव, अत्याधुनिक हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की है। इससे यह साफ होता है कि नक्सली लंबे समय से इलाके में ठिकाना बनाकर सक्रिय थे।पिछले कुछ महीनों से चाईबासा, टोंटो और गोइलकेरा जैसे इलाकों में नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज किए गए हैं। जून 2025 में भी इन इलाकों में हुई मुठभेड़ों में सीनियर नक्सली कमांडरों समेत चार माओवादियों को मार गिराया गया था। 2026 में यह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच पहली बड़ी मुठभेड़ मानी जा रही है।









