रांची। झारखंड में पुरानी पेंशन को लेकर सस्पेंश बना हुआ है। कैबिनेट में SOP बनाने के निर्देश के बावजूद अब तक SOP नहीं बनाये जाने को लेकर अब संदेह उठने लगा है। इधर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पुरानी पेंशन को लेकर सरकार पर बड़े सवाल खड़े किये हैं। मरांडी ने पुरानी पेंशन को लेकर हेमंत सोरेन को घेरते हुए एक ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है कि हड़बड़ी में झारखंड सरकार आनन-फानन में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का ढोल पीट रही है, जबकि सरकार को खुद नहीं पता कि ये पैसे कहाँ से आएंगे? उन्होंने इस मामले में चीफ सिकरेट्री के सवाल और वित्त विभाग के प्रस्ताव का भी ट्वीट में जिक्र किया है। बाबूलाल मरांडी ने लिखा है……

झूठी प्रसिद्धि बटोरने और लोगों को झूठा सपना दिखाने की हड़बड़ी में झारखंड सरकार आनन-फानन में पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का ढोल पीट रही है, जबकि सरकार को खुद नहीं पता कि ये पैसे कहाँ से आएंगे? मुख्य सचिव ने खुद इसपर सवाल खड़े किए थे, वित्त विभाग के प्रस्ताव ही अस्पष्ट है।

बाबूलाल मरांडी ने अपने ट्वीट में तकनीकी पेंच का जिक्र किया है। उन्होंने ट्वीट में इस बात का जिक्र कर कर्मचारियों के मन में संशय की स्थिति पैदा कर दी है कि वाकई में अभी पुरानी पेंशन की स्थिति राज्य में है क्या? उन्होंने अपनी ट्वीट में कहा है कि अभी SOP नहीं बनी है और ना ही उस पर कैबिनेट की मुहर लगी है। ऐसे में पुरानी पेंशन को लेकर जो कर्मचारी उत्साहित थे, उनके मन में तरह-तरह के सवाल उठने शुरू हो गये हैं। बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर लिखा है कि….

महाधिवक्ता की राय सतही है, जिसमें कई तकनीकी पेंच है। अभी एसओपी नहीं बनी, उसपर कैबिनेट की मुहर नहीं लगी है। लेकिन राज्य सरकार झूठ की दुकान चलाकर एक बार फिर हवा-हवाई बातें कर रही है।

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